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अस्पताल के एक कमरे में हुआ बेटी का जन्म, दूसरे कमरे में रखी थी पिता की लाश, रुला देगी घटना

बहन को बुआ बनने की खबर देकर लौट रहे भाई की सड़क हादसे में मौत। जिस अस्पताल में हुई बेटी उसी में पोस्टमार्टम के लिए पहुंची पिता की लाश।

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Father died in road accident

अस्पताल के एक कमरे में हुआ बेटी का जन्म, दूसरे कमरे में रखी थी पिता की लाश, रुला देगी घटना

अपनी बड़ी बहन को बुआ बनने की खबर देकर गांव से लौट रहे 24 वर्षीय बाइक सवार युवक की सड़क हादसे में मौत हो गई। हादसा मध्य प्रदेश के भिंड जिले के गोरमी में रविवार की रात 10:30 बजे हुआ है। हादसे में जान गवाने वाले युवक की पत्नी ने शनिवार की देर रात करीब सवा दो बजे बेटी को जन्म दिया। बेटी को गोद में लेकर दुलार करने के बाद वो सुबह होते ही अपनी बहन को खबर देने उसके गांव पहुंच गया, जहां से लौटते ,मय अज्ञात वाहन की टक्कर लगने से उसकी मौत हो गई।

मामले को लेकर पुलिस का कहना है कि, हादसे में जान गवाने वाले ग्राम कचनावकला के रहने वाले गिर्राज सिंह बघेल पुत्र रमेश सिंह बघेल रविवार रात को गोरमी के पास स्थित ग्राम परोसा में अपनी बहन के घर से लौट रहा था। तभी रावतपुरा गायत्री स्कूल के पास पोरसा रोड पर अज्ञात वाहन की टक्कर लगने के बाद सड़क पर सिर के बल गिरने से उसकी मौत हो गई। दरअसल, गिर्राज की पत्नी प्रवेश देवी ने शनिवार की रात बेटी को जन्म दिया था। शासकीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रसूतिगृह में भर्ती अपनी पत्नी के प्रसव उपरांत वो अपनी बहन को बुआ बनने की खुशखबरी देने गया था।

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डेढ़ साल पहले ही हुई थी शादी

बताया जा रहा है कि, डेढ़ साल पहले ही गिर्राज बघेल की शादी हुई थी। शादी के बाद वो गुजरात के अहमदाबाद में रहकर घरों पर पुताई का काम करता था। पत्नी को प्रसव पीड़ा शुरू होने से तीन दिन पहले ही वो अपने गृहगांव कचनावकला आया था। शनिवार की रात जब उसकी पत्नी प्रवेशी देवी ने प्रसूतिगृह में बेटी को जन्म दिया तब गिर्राज ने फोन कॉल कर अपने सभी रिश्तेदारों को पिता बनने की खुशखबरी दी। लेकिन, बहन का ससुराल पास में ही होने के कारण वो उसे बुआ बनने की खुशखबरी देने खुद ही चला गया।

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परिवार के लालन-पालन का जिम्मेदार था गिर्राज

गिर्राज अपने दो छोटे भाई बंटी और अखिलेश से बड़ा था। माता-पिता और पत्नी समेत 6 सदस्यीयों के परिवार के लालन पालन का जिम्मा उसी के कांधों पर था। घर में बेटी पैदा होने के बाद पूरा परिवार खुशियां मना रहा था। किसी को क्या पता था कि, एक सड़क हादसा पूरे परिवार की जीवन भर के लिए दर्द दे जाएगा। नवजात बेटी ने ठीक से आंखें भी नहीं खोलीं, उसके पिता का साया हमेशा के लिए उस मासूम के सिर से उठ गया।

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