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सलारपुर उद्योग क्षेत्र बिजली लाइन सौंपने में रीको की देरी, नए कनेक्शन पर संकट

14 मेगावाट की फाइल आईं लेकिन रीको एवं निगम का तंत्र नहीं हुआ तैयार

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भिवाड़ी. इंवेस्ट समिट नवंबर 2022 में रीको ने सलारपुर औद्योगिक क्षेत्र में निवेशकों को भूखंड आवंटित किए। बिजली की लाइन का काम अभी तक पूरा नहीं हुआ है जबकि एक साल के कार्यादेश की अवधि पूरी हो चुकी है। जिन क्षेत्रों में काम पूरा हो गया है वहां भी रीको ने वितरण निगम को लाइन नहीं सौंपी है। ऐसी स्थिति में नई इकाइयों को निर्माण और उत्पादन शुरू करने के लिए पर्याप्त बिजली नहीं मिल रही है। क्षेत्र में नए कनेक्शन देने में भी परेशानी सामने आ रही है क्योंकि खुशखेड़ा 200 केवी जीएसएस पर पहले ही अधिक भार है। रीको ने यहां पर वितरण निगम को 33 केवी के दो जीएसएस निर्माण के लिए जमीन आंवटित की है लेकिन निगम का निर्माण अभी तक शुरू नहीं हो सका है। इंवेस्ट समिट के बाद उक्त क्षेत्र में 30 से अधिक भूखंड आवंटित किए गए हैं। इनमें से करीब एक दर्जन इकाई निर्माण प्रक्रिया कर रही हैं। पांच फैक्ट्री संचालकों ने निर्माण के लिए अस्थायी कनेक्शन लिया हुआ है। तीन फैक्ट्रियों ने 14 मेगावाट लोड के लिए स्थायी कनेक्शन का आवेदन कर रखा है लेकिन रीको एवं निगम के संसाधान पर्याप्त नहीं होने की वजह से मामला अटका हुआ है।

अस्थायी बिजली भी नहीं

रीको ने वितरण निगम को कुछ हिस्सा आंशिक रूप से सौंपा है जिसकी वजह से अभी तक सिर्फ एक इकाई को स्थायी कनेक्शन मिला है। कई बड़े भूखंड हैं जिन पर दिन-रात काम चलता लेकिन उन्हें 24 घंटे बिजली नहीं मिलती। जबकि वे अस्थायी कनेक्शन के लिए निगम को तय दर आठ रुपए यूनिट की अपेक्षा अधिक राशि 13 रुपए प्रति यूनिट अदा करते हैं। ऐसा इसलिए हो रहा है कि रीको की लाइन का काम पूरा नहीं होने की वजह से निगम को हैंडओवर नहीं हुई है। उक्त क्षेत्र में निगम का शहरी फीडर नहीं है। टपूकड़ा का जो फीडर है वह ग्रामीण हैं, इसमें पूरे 24 घंटे में मात्र पांच-छह घंटे थ्री फेज की आपूर्ति होती है। इसके साथ ही कभी दिन तो कभी रात को इसका समय बदलता रहता है। आपूर्ति का समय पावर ट्रांसफार्मर की क्षमता कम होने की वजह से बदलता है। ऐसी स्थिति में सवाल उठता है कि नए निवेशक जिन्हें तय अवधि में काम पूरा करने के बाद उत्पादन शुरू करना है और रीको को इसकी जानकारी देनी है वह क्या करें। बिजली व्यवस्था का काम दो विभागों के बीच होने की वजह से निवेशकों के लिए उलझन बन गई है।

तीन साल में उत्पादन जरूरी

रीको का नियम है कि निवेशकों को आवंटित भूखंड से तीन साल के अंदर उत्पादन शुरू करना होगा। अगर तय अवधि में निवेशक उत्पादन शुरू नहीं करते हैं तो वह आवंटित भूखंड का निरस्त कर देता है, जुर्माना लेती है। ऐसी स्थिति में जहां सुविधाएं ही नहीं है, वहां निवेशकों को बेवजह परेशानी झेलनी पड़ेगी। रीको की तरफ से बिजली आपूर्ति में हो रही देरी का खामियाजा फैक्ट्रियों को झेलना होगा।

बिजली लाइन का काम लगभग 80 फीसदी पूरा हो चुका है। नई इकाइयों को कनेक्शन मिल सके इसके लिए उक्त क्षेत्रों को जल्द आंशिक रूप से वितरण निगम को सौंपा जाएगा।

सीपी शर्मा, एसई पावर, रीको

बिना लाइन सिस्टम को हस्तांतरित हुए हम उक्त क्षेत्र में उद्यमियों को कनेक्शन नहीं दे सकते। रीको के लाइन सौंपने पर नए कनेक्शन जारी कर दिए जाएंगे।
मनोज गंगावत, एसई, वितरण निगम