
भोपाल। प्रदेश में एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट सहित वकीलों की विभिन्न मांगों ने जोर पकड़ लिया है। प्रदेश भर के वकील 14 अप्रैल तक अदालतों में मुकदमों की पैरवी नहीं करेंगे। राज्य अधिवक्ता परिषद की जबलपुर में हुई आपात बैठक में विभिन्न मांगों को लेकर यह निर्णय लिया गया। एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट की मांग को लेकर जिला अदालत में सोमवार को 11 वकीलों ने सामूहिक रूप से मुंडन कराया। वहीं जिला बार एसोसिएशन के प्रतिनिधि मंडल ने अपर सत्र न्यायाधीश आरपी सोनी को हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस के नाम ज्ञापन सौंपा।
जिला एवं सत्र न्यायाधीश के कार्यालय से सभी जजों को इस संबंध में सूचना दे दी गई थी। इसके चलते मुकदमों में आगे की तारीख तय कर दी गई थी। अपराधिक मामलों में गिरफ्तारी वारंट जारी नहीं हुए। राज्य अधिवक्ता परिषद ने हाईकोर्ट में न्यायाधीशों के रिक्त पदों पर नियुक्ति, जिला अदालत परिसरों में वकीलों के बैठने के लिए पर्याप्त जगह/चेम्बर और एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट की मांग को लेकर 14 अप्रैल तक अदालतों में पैरवी नहीं करने का निर्णय पूर्व में लिया था।
सोमवार को इस संबंध में परिषद की सामान्य सभा की आपात बैठक जबलपुर में बुलाई गई थी। इसमें परिषद के सदस्यों के अलावा प्रदेश भर के जिला बार एसोसिशन के पदाधिकारीगण उपस्थित हुए। बैठक में मांगों के समर्थन में विरोध स्वरूप 14 अप्रैल तक पैरवी नहीं करने का निर्णय लिया गया। राज्य अधिवक्ता परिषद के सचिव भोपाल के मेहबूब अंसारी ने बताया कि वकीलों की मांगें जायज हैं। शासन स्तर पर कई बार मांग करने के बावजूद कोई हल नहीं निकलने पर यह निर्णय लिया गया है।
जिला बार एसोसिएशन के सचिव पीसी कोठारी ने बताया कि भोपाल में भी वकील अदालत, कंज्यूमर फोरम, तहसील न्यायालय, लेबर कोर्ट आदि में पैरवी नहीं करेंगे। शासन स्तर पर कई बार मांग करने के बावजूद कोई हल नहीं निकलने पर यह निर्णय लिया गया है। जिला बार एसोसिएशन के सचिव पीसी कोठारी ने बताया कि भोपाल में भी वकील अदालत, कंज्यूमर फोरम, तहसील न्यायालय, लेबर कोर्ट आदि में पैरवी नहीं करेंगे।
Published on:
10 Apr 2018 06:21 pm
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