
भोपाल. मध्यप्रदेश वासियों के लिए इस साल का नवंबर माह नई सौगात लेकर आएगा. तब तक देश के सबसे लंबे एक्सप्रेस-वे का मध्यप्रदेश का हिस्सा बनकर तैयार हो जाएगा. यह एक्सप्रेस-वे प्रदेश को एक—दो नहीं बल्कि पूरे 5 प्रदेशों से जोड़ेगा. इसका काम बहुत तेजी से चल रहा है और नवंबर 2022 तक इसके पूरा हो जाने की उम्मीद जताई जा रही है.
244.17 किमी का हिस्सा मध्य प्रदेश के तीन जिलों रतलाम, झाबुआ और मंदसौर (madsaur) से गुजर रहा है- देश का सबसे लंबे एक्सप्रेस-वे दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे Delhi-Mumbai Expressway MP के 3 जिलों से गुजर रहा है. इस एक्सप्रेस वे का 244.17 किमी का हिस्सा मध्य प्रदेश के तीन जिलों रतलाम, झाबुआ और मंदसौर (madsaur) से गुजर रहा है. खास बात यह है कि इसमें से 106 किमी का काम पूरा भी हो चुका है.
बाकी 143 किमी का काम भी नवंबर 2022 तक पूरा होने की उम्मीद है. अधिकारियों की मानें तो अगले 7 माह में दिल्ली मुंबई एक्सप्रेस वे के मध्यप्रदेश के हिस्से पर वाहन फर्राटा भरेंगे.
1 लाख करोड़ रुपये की लागत से बन रहा 1350 किलोमीटर लंबा यह एक्सप्रेस-वे दिल्ली, महाराष्ट्र, हरियाणा, राजस्थान, मध्य प्रदेश और गुजरात से गुजर रहा है. इसके मार्च 2023 तक पूरा होने की संभावना है.
मध्यप्रदेश में इस एक्सप्रेस वे में 8 इंटरसेक्शन बनाए जाएंगे. इनसे प्रदेशभर की प्रमुख सड़कें जुड़ेंगी. दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे से उज्जैन, देवास, इंदौर को भी जोड़ा जाएगा. इसमें रतलाम में धामनोद, रावटी, जावरा, नामली, मंदसौर में भानपुरा, गरोठ, सीतामऊ और झाबुआ में थांदला के पास इंटरसेक्शन बनाया जा रहा है.
इन्हीं इंटरसेक्शन से लोग एक्सप्रेस-वे पर जा सकेंगे और उतरकर अपने जिले में प्रवेश कर सकेंगे. हर इंटरसेक्शन के दोनों तरफ टोल नाके बनेंगे. एक्सप्रेस-वे पर जाने से पहले वाहन चालकों को टोल चुकाना होगा. दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे, वडोदरा की ओर से मध्य प्रदेश के मेघनगर से लगी अनास नदी के पास से प्रदेश में प्रवेश करेगा जबकि दिल्ली की ओर से यह राजस्थान के भवानीमंडी क्षेत्र से मप्र सीमा में एंट्री करेगा.
Published on:
17 Feb 2022 06:21 pm
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