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अफरा-तफरी : एक महीने में हुए 20 से अधिक धमाके, आधे घंटे तक महसूस हुए झटके

एक महीने में हुए 20 से अधिक धमाके, भूगर्भीय हलचल, आधे घंटे तक महसूस हुए झटके

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भोपाल : नीलबड़ इलाके में गुरुवार सुबह एक बार फिर तेज भूगर्भीय हलचल दर्ज की गई। लगभग आधे घंटे तक कई बार झटके महसूस हुए। स्थानीय निवासियों का कहना है कि धमाके पिछले एक महीने से पीछा छोडऩे का नाम ही नहीं ले रहे हैं। इस दौरान 20 से अधिक बार धमाके महसूस किए गए हैं। रहवासियों का कहना है कि इसके पीछे इलाके में बड़े पैमाने पर होने वाला खनन जिम्मेदार है। वहीं अधिकारी कुछ दिनों बाद इनके खुद रुक जाने की बात कह रहे हैं।

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शहर से सटे बरखेड़ा नाथू, मालीखेड़ी, कलखेड़ा सहित आसपास के इलाकों में गुरुवार सुबह 11 बजे से झटके महसूस होने शुरू हुए। शुरू में नागरिकों को लगा कि यह पहले की तरह सामान्य झटके हैं, लेकिन कुछ देर बाद और तेज झटके आए, जिससे कई जगह घरों में रखे बर्तन तक गिर गए।

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इनका कहना है...

एक महीने में 20 से 25 बार धमाके महसूस हो चुके हैं, कभी एक-दो दिन के अंतराल से धमाके होते हैं तो कभी एक ही दिन में कई धमाके हो जाते हैं। यह सब यहां जमकर हो रहे अवैध खनन का नतीजा है।
- विनय चंद, रहवासी बरखेड़ा नाथू

पलंग पर सोते हैं तो लगता है जैसे जमीन हिल रही है। कच्चे मकानों में तो सामान तक गिर जाता है। कई बार शिकायत करने के बाद भी यहां किसी ने जांच नहीं की है। क्षेत्र में हो रहे धमाकों के कारण लोगों में दहशत है।
- कामराज मारण, रहवासी, नीलबड़

बारिश पूरे शहर में हुई है, लेकिन धमाके हमारे ही इलाके में क्यों हो रहे हैं? इसके पीछे खदानें ही कारण हैं। शिकायत के बाद भी कार्रवाई नहीं की गई।
- जितेन्द्र परिहार, निवास बरखेड़ानाथू

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धमाकों की आवाज भूकंप नहीं है, यह सब्सीडेंस ऑफ स्वाइल है। मिट्टी के नीचे की परत खिसक जाने से खोखली जगह बन जाती है, बरसात में ऐसी जगह ऊपरी परत धंसककर नीचे गिरती है। बरसात बंद होते ही धमाके खुद ब खुद बंद हो जाएंगे।
- प्रोफेसर विनोद पाराशर, भूगर्भ विशेषज्ञ