13 जनवरी 2026,

मंगलवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

होम

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

20 हजार करोड़ का हुआ कारोबार, अब बनेंगे क्रॉकरी डेकोरेशन के सामान फूलदान और गमले

क्रॉकरियों की फ्रांस, यूएस, इंग्लैंड, कनाडा तक मे मांग, 470 तरह के उद्योगों में 50 हजार लोगों को रोजगार की खुलेगी राह

2 min read
Google source verification
crockery.png

50 हजार लोगों को रोजगार की खुलेगी राह

भोपाल. देश में 400 साल पुरानी खुर्जा पॉटरी अब भोपाल के औद्योगिक क्लस्टर में शामिल हो गई है। यूक्रेन चीन अमेरिका से आने वाले केमिकल और कई प्रकार की मिट्टी के मिश्रण से तैयार की जाने वाली क्रॉकरी मप्र में पहली बार भोपाल में तैयार की जाएगी। इसके लिए बगरोदा और अगरिया छापर में 200 एकड़ से ज्यादा जमीन में औद्योगिक क्लस्टर बन रहा है।

यहां अहमदाबाद के फर्नीचर, प्लायवुड, गारमेंट्स, स्टील फर्नीचर, ऑटोमोबाइल्स कंपनियां अपना प्लांट लगा रही हैं। इसके अलावा कई ऐसे उद्योग भी आ रहे हैं जिनमें कच्चा माल तैयार किया जाएगा। इस तरह यहां पर करीब पचास हजार लोगों को रोजगार देने का रास्ता खुल जाएगा।

खुर्जा पॉटरी उद्योग के तहत बनाईं गईं क्रॉकरियों की मांग देश में ही नहीं विदेशों में भी काफी रहती है। खुर्जा में तैयार किए गए डेकोरेशन के सामान, फूलदान और गमले फ्रांस, यूएस, इंग्लैंड और कनाडा के राष्ट्रपति भवनों में भी रखे गए हैं। फिल्म स्टार भी यहां की बनी क्रॉकरी को काफी पसंद करते हैं। देश ही नहीं विदेश में बढ़ती मांग के चलते खुर्जा पॉटरी का कारोबार बीस हजार करोड़ से ज्यादा का हो गया है। जिला उद्योग केंद्र के अफसरों की मानें तो खुर्जा पॉटरी उद्योग भोपाल में स्थापित होने से आसपास के लोगों को काफी रोजगार मिलेगा।

इन देशों में जाती है क्रॉकरी
क्रॉकरी के आइटम सबसे ज्यादा यूएस, थाईलैंड, ब्राजील, जर्मनी, कोरिया जाते हैं। भोपाल में इस उद्योग के स्थापित होने से यहां कारगो का काम और बढ़ जाएगा। उद्योग में रोजगार की अधिक संभावना को देखते हुए सरकार की तरफ से इसे प्राथमिकता दी जा रही है।

भोपाल कलक्टर अविनाश लवानिया के अनुसार भोपाल के आसपास काफी तेजी से उद्योगों को जमीनें दी जा रही हैं। खुर्जा पॉटरी के लिए भी जमीन दी जा रही है। इससे यहां पर रोजगार बढेंगे और व्यापार को काफी बढ़ावा मिलेगा।