
भोपाल. शहरी पथ विक्रेताओं यानि वेंडर्स के लिए मध्यप्रदेश सरकार ने बड़ा फैसला लिया है. राज्य सरकार ऐसे वेंडर्स को बीस हजार रुपये का कर्ज दिलवाएगी। खास बात यह है कि इसके लिए वेंडर्स को महज 10 रुपए ही खर्च करने होंगे। शुक्रवार को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में मंत्रालय में हुई कैबिनेट की बैठक में ये अहम निर्णय हुआ।
मध्यप्रदेश में सरकार शहरी पथ विक्रेताओं को अपनी गारंटी पर बैंकों से बीस हजार रुपए दिलवाएगी। वेंडर्स को कार्यशील पूंजी के लिए कर्ज के रूप में यह राशि मिलेगी. इसके लिए हितग्राहियों से मात्र दस रुपए स्टांप शुल्क लिया जाएगा। यह निर्णय कैबिनेट बैठक में लिया गया है। शुक्रवार को मंत्रालय में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में कैबिनेट की यह बैठक हुई।
प्रदेश के गृह मंत्री और राज्य सरकार के प्रवक्ता डा.नरोत्तम मिश्रा ने कैबिनेट के निर्णय की जानकारी दी. उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने फिर से अपना व्यापार स्थापित करने के लिए पथ विक्रेताओं को बैंकों से कर्ज दिलाने की पहल की थी। इसके अभी तक अच्छे परिणाम सामने आए हैं। इसलिए अब तय किया गया है कि वेंडर्स को बैंकों से 20 हजार रुपए तक का कर्ज उपलब्ध कराया जाएगा।
केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय को बीज फार्म स्थापित करने के लिए मुरैना में 885 हेक्टेयर भूमि एक रुपए वार्षिक भू-भाटक पर आवंटित करने का निर्णय लिया- इसके लिए अभी तक 25 रुपए स्टांप शुल्क लगता था. इसे घटाकर 10 रुपए करने का निर्णय लिया गया। इसी तरह केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय को बीज फार्म स्थापित करने के लिए मुरैना में 885 हेक्टेयर भूमि एक रुपए वार्षिक भू-भाटक पर आवंटित करने का निर्णय लिया। कैबिनेट ने तालाब से निकलने वाली मिट्टी पर रायल्टी नहीं लेने का निर्णय लिया है. इसी तरह मध्यप्रदेश जिला खनिज प्रतिष्ठान नियम में भी संशोधन किया गया है।
Published on:
15 Jul 2022 04:23 pm
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