
21st Livestock Census : देश में एक बार फिर जनगणना होने जा रही है। इंसानों की नहीं बल्कि पशुओं की गणना होने जा रही है। मध्य प्रदेश समेत पूरे देश में यह गणना 21वीं बार कराई जाएगी जो कि अक्टूबर या नवंबर माह में शुरू होगी। यह प्रक्रिया लगभग 3 महीने तक चलेगी। हालांकि, इस बार की पशुधान जनगणना अलग तरीके से की जाएगी।
इस बार यह जनगणना एक एप्प के माध्यम से टेबलेट के जरिए की जाएगी। इससे पहले यह जनगणना साल 2019 में की गयी थी जिसमे मध्य प्रदेश में 6 करोड़ से अधिक पशुओं को दर्ज किया गया था। इस जनगणना में गाय, भैंस, कुत्ते, ऊंट, घोड़े, गधे, बकरा-बकरी, मुर्गा-मुर्गी, सूअर, भेड़, आदि पशुओं की गिनती की जाती है।
मध्य प्रदेश में जनगणना करने के लिए गांवों में 5264 यूनिट्स और शहर में 728 वार्डस को बनाया गया है। उनके ऊपर गांव और शहर के क्रमशः 3000 और 4000 परिवारों में एक-एक कम्प्यूटर्स की नियुक्ति की गई है। उनके ऊपर सुपरवाइज़र को भी नियुक्त किया गया है जो प्रदेश के सभी 55 जिलों में जाकर जनगणना प्रक्रिया को पूरा करेंगे। हालांकि, इस बार गणना के आंकड़ों को सीधे टैब के जरिए 'पशु गणना सॉफ्टवेयर' में फीड किया जाएगा । जिसमें पशुओं की नस्लों के बारे में भी लिखा जाएगा। पशु की फोटो स्कैन करते ही उसकी नस्ल की जानकारी मिलेगी।
बता दें कि, पिछली जनगणना में मध्य प्रदेश में करीब 6 करोड़ पशुओं को दर्ज किया गया था। इनमे गायों की संख्या 1,87,52,013, भैंसों की संख्या 1,03,07,131, भेड़ों की संख्या 3,24,148, बकरा-बकरी की संख्या 1,10,64,524 थी। वहीँ सूअर 1,64,572, घोड़े -13,260, खच्चर 2543, गधे 8135, ऊंट 1753, मुर्गा-मुर्गी 1,66,60,317 और कुत्ते 1,00,9076 थे। मध्य प्रदेश भारत का तीसरा सबसे ज्यादा पशुओं वाला राज्य था।
Updated on:
27 Sept 2024 05:09 pm
Published on:
27 Sept 2024 04:06 pm
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