2 जनवरी 2026,

शुक्रवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

मेरी खबर

icon

प्लस

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

1 जुलाई से लागू होंगे 3 नए कानून, देश में कहीं भी दर्ज हो सकेगी ‘0’ FIR

‘Zero’ FIR: पुलिस को पीड़ित को 90 दिन में प्रोग्रेस रिपोर्ट भी देनी होगी। चार्जशीट भी 90 दिन में दाखिल करनी पड़ेगी।

less than 1 minute read
Google source verification
Zero FIR

Zero FIR

‘Zero’ FIR: देश में 1 जुलाई से लागू होने वाले तीन नए क्रिमिनल कानून अपराध से जुड़ी कई चीजें बदल देंगे। देश में कहीं भी ‘जीरो’ एफआइआर दर्ज हो सकेगी। इसमें धाराएं भी जुड़ेंगी। 15 दिन में ‘जीरो’ एफआइआर को संबंधित थाने को भेजनी होगी। पुलिस को पीड़ित को 90 दिन में प्रोग्रेस रिपोर्ट भी देनी होगी। चार्जशीट भी 90 दिन में दाखिल करनी पड़ेगी। जांच अधिकतम 6 माह में पूरी करनी होगी। इसी अवधि में आरोप तय करने होंगे। सुनवाई पूरी होने के 30 दिन में फैसला सुनाना होगा।

फैसला व सजा के ऐलान के बीच एक हफ्ते का समय मिलेगा। आइपीसी की जगह भारतीय न्याय संहिता, सीआरपीसी की जगह भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और इंडियन एविडेंस एक्ट की जगह भारतीय साक्ष्य संहिता लागू की जा रही है। भोपाल में इसे लागू करने की तैयारी चल रही है।

ये भी पढ़ें: IPS Manoj Sharma: मुंबई से मैच देखने पहुंचे '12वीं फेल' IPS मनोज शर्मा, जमकर की चंबल की तारीफ….

क्या हैं चुनौतियां

भोपाल पुलिस कमिश्नर के आदेश पर थानों में नए कानून से जुड़ी नीतियों का ट्रायल शुरू हो गया। सीसीटीएनएस पर जानकारी अपलोड की जा रही है। फॉरेंसिक जांच-वीडियोग्राफी की ट्रेनिंग दी जा रही है। हालांकि यह आसान नहीं है।

नए कानून में घटनास्थल की जांच, तलाशी व जब्ती का वीडियो बनाना होगा। कोर्ट को गंभीर अपराधों का वीडियो दिखाना होगा। सुनवाई होने तक संभालकर रखना होगा। बदमाशों से कैमरे के सामने बरामदगी भी मुश्किल होगी।