
ओलोंग टी के बारे में जानते हैं आप? 5 तरह से सेहत को पहुंचाती है फायदा
भोपालः ओलोंग चाय के बारे में बहुत कम ही लोग जानते हैं, लेकिन जो लोग इस चाय के बारे में जानते हैं वो इसके फायदों के चलते इसका सेवन भी करते हैं। आयुर्वेद और नेचरोपेथ के चिकित्सक आमतौर पर पीजाने वाली चाय को स्वास्थ के लिए हानिकारक मानते हैं, लेकिन ओलोंग चाय पीने की सलाह देते हैं। यह स्वास्थ्य के लिए बेहद लाभकारी होती है। इसका नियमित सेवन मेटाबॉलिज्म को बूस्ट करके शरीर से फेट घटाता है। आयुर्वेद के अनुसार, इसका सेवन टाइप-2 डायबिटीज को भी कंट्रोल करने में कारगर होता है। इसके अलावा ये दिल और दिमाग को भी स्वस्थ रखती है। ओलोंग चाय में मैग्नीशियम, कॉपर, सेलेनियम, पोटेशियम, मैगनींज पर्याप्त मात्रा में होता है, जो शरीर को तंदुरुस्त रखने में मदद करता है। आइए जानते हैं ओलोंग चाय से उन फायदों के बारे में जो महंगी महंगी दवाओं से भी ठीक रख पाना संभव नहीं होता।
ओलोंग चाय के फायदे
1-वजन घटाने में मददगार
ओलोंग चाय में मौजूद एंटी-ऑक्सीडेंट्स और एंजाइम्स वजन घटाने में कारगर होते हैं। ये शरीर में मौजूद फैटी सेल्स के तेजी से खत्म करते हैं। ज्यादातर लोग इसका सेवन वजन कम करने के लिए ही करते हैं।
2-डायबिटीज को रखे नियंत्रित
ओलोंग टी का नियमित सेवन इंसुलिन स्तर को नियंत्रित रखता है, जिसके चलते शरीर में शुगर लेवल भी नियंत्रित रहता है। चिकित्सकों का मानना है कि, ओलोंग टी टाइप-2 डायबिटीज को भी कंट्रोल कर लेती है, इससे ज्यादा शुगर लेवल बढ़ने पर दवाओं का सेवन भी ज़रूरी हो जाता है।
3-मानसिक तनाव घटाने में कारगर
दिमाग की कार्यप्रणाली को भी बेहतर बनाने में ओलोंग चाय बहुत कारगर होती है। रोजाना इसका सेवन करने से मानसिक सतर्कता और कार्यक्षमता बढ़ती है।
4-त्वचा से जुड़ी समस्याएं
ओलोंग चाय में मौजूद एंटी-ऑक्सीडेंट्स त्वचा से संबंधित रोगों को भी दूर करने में कारगर है। जैसे एक्जिमा, खुजली, दाग-धब्बों की समस्या को कम करने के लिए चिकित्सक सप्ताह में 4-5 कप ओलोंग चाय का सेवन करने की सलाह देते हैं।
5-हड्डियों को रखे मजबूत
ओलोंग चाय में मौजूद एंटी-ऑक्सीडेंट्स और पोषक तत्व हड्डियों को मज़बूत रखने में काफी मददगार होता है। इसे हड्डियों की कमजोरी और ऑस्टिपोरोसिस की समस्या से निजात दिलाने में कारगर माना जाता है।
इनके अनुसार चाय से होती है हानिकारक, जानिए कारण
जो चाय हम रोज़ाना पीते हैं, उसके बारे में माना जाता है कि, वो हमारे ब्लड सर्कुलेशन को तेज़ करती है, जिससे हमारे शरीर की सुस्ती दूर होती है और हम एनर्जेटिक मेहसूस करते हैं। लेकिन, आयुर्वेद और नेचरोपैथ में इससे विपरीत चाय को सेहत के लिए हानिकारक माना गया है। इन पेथियों के आधार पर चाय में कैफीन और निकोटिन होता है, जो हमारे पेनक्रियाज को कमजोर करता है। इससे हमारे शरीर में इंसुलिन (एक तरह का एसिड) बनना बंद हो जाता है। ये इंसुलिन शरीर में खाने के माध्यम से पहुंचने वाले ग्लूकोज़ को नष्ट करता है, लेकिन कमजोर होने से ये एसिड शरीर के ग्लूकोज़ को कम नहीं कर पाता। इससे शरीर में ग्लूकोज़ की मात्रा बढ़ती है और धीरे धीरे चाय पीने वाला व्यक्ति डाइबिटीज जैसी गंभीर बीमारी की जकड़ में आ जाता है।
Published on:
10 Apr 2019 03:09 pm
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