
(फोटो सोर्स: पत्रिका)
MP News: बिगड़े सरकारी ढर्रे का असर देखिए, कामकाज में लापरवाही के चलते सूबे के 50 हजार कर्मचारी ही लापता हो गए। जब यह आंकड़ा सामने आया तो सरकार ने जांच बैठाई। एक-एक का रिकॉर्ड मिलान किया गया तो पता चला कि कोई भी कर्मचारी लापता नहीं है, यह सिस्टम की खामी है। जिम्मेदारों ने समय पर डेटा अपडेट नहीं किया तो मृत, रिटायर और प्रतिनियुक्ति पर गए अधिकारी-कर्मचारियों का वेतन निकलने का रिकॉर्ड नहीं मिला।
उप मुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने सभी कर्मचारियों का डेटा समय पर अपडेट करने के निर्देश अधिकारियों को दिए हैं। चेताया भी है कि लापरवाही करने पर जिम्मेदारों पर एक्शन होगा। देवड़ा ने बताया कि डाटा क्लीनिंग एक्सरसाइज एक सतत प्रक्रिया है।
इससे सेवानिवृत्त होने वाले, प्रतिनियुक्ति पर रहने वाले कर्मचारियों, मृत कर्मचारियों एवं अन्य स्थानों पर कार्य करने वाले कर्मचारियों का डेटा अपडेट किया जाता है। कर्मचारियों का डेटा सत्यापन किया गया है। कोई भी कर्मचारी संदिग्ध नहीं पाया गया है। डेटा विश्लेषण से संज्ञान में आया था कि 44,810 कर्मचारियों का वेतन खजाने से नहीं निकाला गया। इनमें 36०26 नियमित और 8,784 गैर नियमित कर्मचारी शामिल हैं।
आयुक्त कोष एवं लेखा ने बताया है कि इस संदर्भ में ऐसे नियमित एवं गैर नियमित कर्मचारियों की डेटा सबन्धी जानकारी प्राप्त की गई है, जिनका वेतन आइएफएमआइएस कोषालय प्रणाली से नहीं निकाला गया। प्रथम दृष्टया डीडीओ से सत्यापन उपरांत जानकारी विश्लेषण करने पर अभी तक कोई संदिग्ध कर्मचारी नहीं मिला।
दिसंबर 2024 से आइएफएमआइएस अंतर्गत वेतन नहीं निकला: 44918
मृत: 21461, प्रतिनियुक्ति: 4654
सेवानिवृत्त, त्याग-पत्र,सेवा समाप्ति: 10985
निलंबित: 483
किसी शासकीय निर्देश के कारण वेतन न निकल रहा हो: 1656
फ्री पूल: 2342
कोई तकनीकी कारण: 1022
अन्य कारण: 2247
Published on:
10 Jun 2025 05:50 pm
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