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यूपी से मुंबई का सीधा सफर, एमपी में सड़क के लिए 56 एकड़ जमीन

एनआईसीडीआईटी की बैठक में वाराणसी जबलपुर कॉरीडोर को मुंबई तक जोड़ने की मांग उठाई। एमपी में इस सड़क के लिए 56 एकड़ जमीन चिन्हित भी कर ली गई है.

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सड़क के लिए 56 एकड़ जमीन चिन्हित

भोपाल. अब यूपी से मुंबई के सीधे सफर की तैयारी चल रही है. इस योजना को लाभ मध्यप्रदेश को भी मिलेगा. सीएम शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chauhan) ने एनआईसीडीआईटी की बैठक में वाराणसी जबलपुर कॉरीडोर को मुंबई तक जोड़ने की मांग उठाई। एमपी में इस सड़क के लिए 56 एकड़ जमीन चिन्हित भी कर ली गई है. यह प्रस्तावित इंडस्ट्रियल कॉरीडोर (Industrial Corridor) न सिर्फ सफर सुगम बनाएगा बल्कि रोजगार के लिए युवाओं को बड़ी सौगात भी मिल सकेगी।

दरअसल इस कॉरिडोर के पहले चरण में वाराणसी से जबलपुर तक का काम चल रहा है. अब मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने इसे मुबंई तक जोड़ने का प्रस्ताव रखा है। इस प्रस्तावित कॉरिडोर का प्रमुख हिस्सा पूर्वी मप्र से निकलेगा। वाराणसी से जबलपुर तक कॉरिडोर के लिए राज्य सरकार ने रीवा के त्योथर में 56 एकड़ जमीन चिन्हित भी कर ली है।

राज्य सरकार का मानना है कि इसे आगे बढ़ाकर मुंबई तक करने से खासा लाभ होगा. इससे प्रदेश के इटारसी और खंडवा जैसे शहरों के आसपास भी नए औद्योगिक एरिया विकसित होंगे। सरकार का मानना है कि यह कॉरिडोर पूर्वी मध्यप्रदेश का पिछड़ापन पूरी तरह दूर कर देगा। यही कारण है कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने एनआईसीडीआईटी की बैठक में वाराणसी-मुंबई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर विकसित करने की मांग की। सीएम शिवराजसिंह का प्रस्ताव है कि वाराणसी-जबलपुर इंडस्ट्रियल कॉरिडोर को ही बढ़ाकर मुंबई तक ले जाया जाए।

यदि इसे मंजूरी मिलती है तो मप्र से गुजरने वाला यह तीसरा इंडस्ट्रियल कॉरिडोर होगा। इससे पहले प्रदेश में दिल्ली-मुंबई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर और दिल्ली-नागपुर इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के लिए भी जमीन चिन्हित करने का काम चल रहा है।

मप्र में इन तीन इंडस्ट्रियल कॉरिडोर से जुड़े इंडस्ट्रियल एरिया विकसित होने पर करीब 40 लाख से अधिक लोगों के लिए रोजगार के अवसर बनेंगे। मौजूदा समय में मप्र में स्थित रोजगार कुल 20 लाख लोगों को रोजगार दे रहे हैं। यानी इससे दोगुने रोजगार आने वाले 5 वर्षों में मिलेंगे।

ज्ञात हो कि अगर इस प्रस्ताव को मंजूरी मिलती है तो मप्र से गुजरने वाला यह तीसरा इंडस्ट्रियल कॉरिडोर होगा। इससे पहले दिल्ली-मुंबई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के नजदीक उज्जैन में विक्रम उद्योग नगरी के विकास काम तेजी से चल रहा है। दिल्ली-नागपुर इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के लिए भी सरकार तेजी से जमीन चिन्हित कर रही है।