
मौलाना आजाद नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (मैनिट) में 5जी लैब स्थापित की जा रही है। इससे छात्रों को स्टार्टअप में काफी मदर मिलेगी। इस लैब के बनने से मप्र ही नहीं देश के अन्य राज्यों के स्टूडेंट्स भी यहां रिसर्च कर सकेंगे। मैनिट प्रबंधन के अनुसार मार्च में लैब का काम शुरू किया जाएगा। शासन स्तर पर सारी औपचारिकताएं पूरी हो चुकी हैं। इस लैब को तैयार होने में तीन माह का समय लग सकता है। अधिकारियों ने बताया कि 5-जी तकनीक का उद्देश्य मशीन, वस्तु और उपकरण सहित सभी चीजों को वर्चुअल रूप से कनेक्ट करना है। इसमें डेटा दरों और बेहतर सेवा की गुणवत्ता प्रमुख है।
एग्रीकल्चर एवं मेडिकल में भी रिसर्च: संस्थान में 5-जी लैब तैयार होने से न केवल टेक्निकल में बल्कि एग्रीकल्चर एवं मेडिकल के क्षेत्र में भी यहां रिसर्च संभव हो सकेगा। इसी के साथ आज के समय में ड्रोन टेक्नोलॉजी में स्कोप को देखते हुए छात्र इसमें भी नए- नए रिसर्च कर सकेंगे।
लैब से यह होंगे लाभ ठ्ठ 5-जी लैब का उपयोग करने वाले छात्रों के लिए यूजी और पीजी एवं पीएचडी करने वाले छात्रों को रिसर्च करने में मदद मिलेगी। ठ्ठ एग्रीकल्चर से जुड़े छात्र लैब का इस्तेमाल कर सकेंगे, इससे कृषि में नई तकनीक को बढ़ावा मिलेगा। ठ्ठ 5जी लैब से छात्रों की तकनीकी और शैक्षणिक समुदायों की क्षमता बढ़ेगी। ठ्ठ इस लैब का उद्देश्य भारतीय शिक्षा जगत और स्टार्टअप इकोसिस्टम को 6- जी के लिए तैयार करना भी है।
क्या कहते हैं अधिकारी
भारत सरकार के दूरसंचार विभाग द्वारा देश में 5-जी की टेङ्क्षस्टग के लिए 100 लैब स्थापित की जाना है। इनमें से एक 5जी लैब की स्थापना के लिए मैनिट का चयन किया गया है। लैब में केवल संस्थान के छात्र ही नहीं बल्कि अन्य कॉलेज व विश्वविद्यालयों के छात्र भी रिसर्च कर सकेंगे। इसका काम लगभग तीन माह में पूरा हो जाएगा।
-डॉ. आरएन यादव, एचओडी, इलेक्ट्रॉनिक्स एंड टेक्नोलॉजी डिपार्टमेंट मैनिट
Updated on:
13 Feb 2024 07:57 am
Published on:
13 Feb 2024 07:56 am
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