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बड़ी खबर : 7thपे अब नहीं बढ़ेगी कर्मचारियों की सैलरी, फैसला वापस!

मध्यप्रदेश में रहने वाले लगभग 75 हजार केंद्रीय कर्मचारियों को मोदी सरकार का बड़ा झटका मिल सकता है। न्यूनतम 26 हजार रुपए वेतन की मांग कर रहे केंद्र के
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भोपाल

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alka jaiswal

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Updated: 27 Nov 2017, 4:45 PM IST

7th pay commission

7th pay commission

भोपाल। मध्यप्रदेश में रहने वाले लगभग 75 हजार केंद्रीय कर्मचारियों को मोदी सरकार का बड़ा झटका मिल सकता है। न्यूनतम 26 हजार रुपए वेतन की मांग कर रहे केंद्र के कर्मचारियों को संदेह है कि अब उनके वेतन में बढ़ोत्तरी नहीं होगी। हालांकि उन्हें 18 हजार रुपए प्रतिमाह वेतन मिलता है, जबकि 15 दिसंबर को होने वाली बैठक में यह वेतन 21 हजार होने की उम्मीद की जा रही है।

नेशनल अनोमली कमेटी की रिपोर्ट के मुताबिक कर्मचारियों का यह मामला अधर में लटका दिया है। इससे स्थिति अस्पष्ट हो गई है कि क्या एनएसी सातवें वेतन आयोग की अनुशंसा से अलग जाकर न्यूनतम वेतन और फिटमेंट फेक्टर बढ़ाने का सुझाव देगी। 7वें वेतन आयोग की सिफारिशों से अलग मांग कर रहे केंद्रीय कर्मचारियों का वेतन और फिटमेंट फेक्टर बढ़ाने पर संदेह गहरा गया है। कर्मचारी संगठनों का कहना है कि सरकार सातवां वेतनमान देने के बाद इस फैसले को टाल सकती है।

कमेटी पर टिका है फैसला
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक 15 दिसंबर को नेशनल अनोमली कमेटी अपनी रिपोर्ट पेश करेगी। इसके बाद रिपोर्ट कैबिनेट के पास अप्रूवल के लिए भेजा जाएगा। इसमें कमेटी केंद्रीय कर्मचारियों की मिनिमम सैलरी 18 से 21 हजार रुपए करने का सुझाव देगी। इसके अलावा उनके फिटमेंट फेक्टर को भी 2.57 से बढ़ाकर 3.00 करने की सिफारिश कर देगी। 7वें वेतन आयोग की सिफारिशों के बाद उसकी समीक्षा के लिए बनी नेशनल अनोमली कमेटी (एनएसी) बनाई गई थी। यह कमेटी केंद्रीय कर्मचारियों की सैलरी और बढ़ाने की सिफारिश करने की तैयारी में है। वेतन में और बढ़ोतरी को लेकर इसकी एक मीटिंग भी 15 दिसंबर को होने जा रही है।

फिलहाल 18 हजार मिलता है वेतन
केंद्रीय कर्मचारियों का वेतन 7 हजार रुपए से बढ़ाकर 18 हजार किया गया है। कर्मचारी इससे भी अधिक कम से कम 21 हजार रुपए वेतन मांग रहे हैं।


अगले माह कमेटी करेगी फैसला
7वें वेतन आयोग की सिफारिशों के बाद उसकी समीक्षा के लिए बनी नेशनल अनोमली कमेटी (एनएसी) बनाई गई थी। यह कमेटी केंद्रीय कर्मचारियों की सैलरी और बढ़ाने की सिफारिश करने की तैयारी में है। वेतन में और बढ़ोतरी को लेकर इसकी एक मीटिंग भी 15 दिसंबर को होने जा रही है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक 15 दिसंबर को नेशनल अनोमली कमेटी अपनी रिपोर्ट पेश करेगी। इसके बाद रिपोर्ट कैबिनेट के पास अप्रूवल के लिए भेजा जाएगा। इसमें कमेटी केंद्रीय कर्मचारियों की मिनिमम सैलरी 18 से 21 हजार रुपए करने का सुझाव देगी। इसके अलावा उनके फिटमेंट फेक्टर को भी 2.57 से बढ़ाकर 3.00 करने की सिफारिश कर देगी।


यह भी है खास
-जनवरी की सैलरी बढ़ी हुई मिलेगी।
-7वें वेतन आयोग के मुताबिक बढ़ेगी न्यूनतम सैलरी।
-केंद्रीय कर्मचारियों की न्यूनतम सैलरी 21,000 रुपए होगी
-पहले 7 हजार से बढ़ाकर 18 हजार की गई थी सैलरी।
-साथ ही फिटमेंट फेक्टर को भी बढ़ाकर 3.0 कर दिया गया है।
-जनवरी 2018 के आखिर में केंद्रीय कर्मचारियों को बढ़ी हुई सैलरी का तोहफा मिल सकता है।
-वेतन में बढ़ोतरी महंगाई को ध्यान में की गई है।
-सरकार नेशनल एनोमली कमेटी की सिफारिशें लागू करने को तैयार।
-फिटमेंट सेक्टर में सरकार करेगी तीन गुना बढ़ोतरी।
-केंद्रीय कर्मचारियों के दिव्यांग बच्चों को 30,000 रुपए का पढ़ाई भत्ता मिलता था। सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों के बाद इसे 54,000 रुपए सालाना कर दिया।
-आम दिव्यांग बच्चों को पढ़ाई के लिए 2,250 रुपए महीने एजुकेशन भत्ता मिलता है। अगर दिव्यांग बच्चे के माता और पिता दोनों केंद्र सरकार के कर्मचारी हैं, तो कोई एक ही बच्चे के लिए भत्ता ले सकता है। पहले आम दिव्यांग बच्चों को यह भत्ता 1,500 रुपए माह मिलती थी।