
pensioners maha panchayat
भोपाल। मध्यप्रदेश में काफी समय से 7तवें वेतनमान के अनुसार साढ़े चार लाख से अधिक पेंशनर्स को बड़ी राहत मिल सकती है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान 15 मई को पेंशनर्स को कई सौगातें दे सकते हैं। सेवानिवृत्त कर्मचारियों और अधिकारियों की पेंशनर्स महापंचायत 15 मई मंगलवार को शाम पांच बजे सीएम हाउस में होगी। यह पंचायत पहली बार होने जा रही है। इस महापंचायत में पांच हजार पेंशनरों को बुलाया जा रहा है।
माना जा रहा है कि चुनाव से पहले मुख्यमंत्री पेंशनर्स को नाराज नहीं करेंगे। 15 मई को साढ़े चार लाख पेंशनर्स को भी सातवां वेतनमान दे सकती है। प्रदेश सरकार ने पेंशनरों को बजट में 10 प्रतिशत की वृद्धि देने की घोषणा की गई थी। सरकार चुनाव से पहले किसी वर्ग को नाराज नहीं करना चाहती है। इसके अलावा -पेंशनर्स की लंबित कई मांगों का भी निराकरण हो सकता है।
यह भी है मांग
सभी पेंशनर्स को 7वां वेतनमान का लाभ, एरियर्स का नकद भुगतान। न्यूनतम पेंशन, महंगाई भत्ता किश्तों के साथ-साथ स्वास्थ्य चिकित्सा सुविधाएं बढ़ाई जाएं। से लाभांवित कराया जाएगा।
-राज्य के साढ़े चार लाख पेंशनर्स 13 सालों से पेंशनर्स पंचायत बुलाने का प्रयास कर रहे थे। अब उनकी मांग पूरी हो रही है।
-छठा वेतनमान वाले पेंशनर्स को 32 माह के पेंशन एरियर पर रोक लगा दी गई।
-दो लाख विधवा महिला पेंशनर्स के न्यूनतम पेंशन में जबरन कटौती कर दी गई। इससे नुकसान हुआ।
-अग्रवाल वेतन आयोग की सिफारिशों और अनुशंसाओं को नहीं माना।
-पेंशनर्स एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष ओमप्रकाश चतुर्वेदी के मुताबिक 7वां वेतनमान एक जनवरी 2016 से 2.57 के फार्मूले के मुताबिक देने, 28 माह का एरियर देने, 9 हजार रुपए न्यूनतम पेंशन देने, विधवा पेंशनर्स को दो लाख का आर्थिक लाभ देने की भी मांग पंचायत में रखी जाएगी। उम्मीद है कि मुख्यमंत्री सभी पेंशनर्स को सौगातें दे देंगे।
-राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) के अनुषांगित संगठन भारतीय मजदूर संघ के महामंत्री केपी सिंह ने हाल ही में मुख्यमंत्री से मुलाकात की। उन्होंने पेंशनर्स के हित में निर्णय लेने पर चर्चा की। इस पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मूल पेंशन की गणना 3.57 के फार्मूले से करके पेंशन बढ़ाने पर सहमति जताई। पेंशनरों के महासंघ के पदाधिकारियों ने जयंत मलैया से भी मुलाकात की।
छत्तीसगढ़ ने दिया अब मध्यप्रदेश की बारी
बताया जाता है कि पेंशनर्स को सातवें वेतनमान का लाभ 1996 के पहले सेवानिवृत्त होने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों को भी मिल सकता है। क्यंकि छत्तीसगढ़ सरकार ने 2.57 के फार्मूले के मुताबिक पेंशन में इजाफा करने का फैसला लिया है। इधर, मध्यप्रदेश सरकार भी 2.47 के फार्मूले के अनुसार 7वां वेतनमान देने को तैयार है।
सूत्रों के मुताबिक बैठक में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने तो पेंशनरों को 7वां वेतनमान 2.57 के फार्मूले से देने पर सैद्धांतिक सहमति दे दी है। इसके बाद पेंशनर्स का दल वित्तमंत्री से मिलने उनके निवास पर भी गया। उन्होंने भी जल्द पेंशन में बढ़ाने का आश्वासन दिया है।
इससे पहले सिवनी यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने पेंशनरों के एक प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात में संकेत दिए थे कि पेंशनर्स का नुकसान नहीं होने दिया जाएगा।
आएगा 500 करोड़ का बोझ
पेंशनर्स की पेंशन बढ़ाने के फैसले के बाद साढ़े पांच सौ करोड़ रुपए का बोझ सरकार पर आएगा। इससे पेंशन में 2 हजार रुपए से 10 हजार रुपए तक इजाफा हो जाएगा। पिछले साल दिवाली के मौके पर भी इस मुद्दे पर सैद्धांतिक सहमति मिल चुकी है। उसी समय से इसे चुनाव से पहले देने की सुगबुगाहट शुरू हो गई थी।
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यहां कैल्कुलेट करें पेंशन
3025-6900 650 से 950 रुपए
11500-24000 3000 से 3500 रुपए
20000-46400 5000 से 5500 रुपए
23000-51000 6000 से 6500 रुपए
33500-70000 7000 से 7500 रुपए
Published on:
10 May 2018 03:53 pm
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