
मनरेगा से 9.11 लाख मजदूरों ने 10 दिन में मांगा रोजगार, सिर्फ 93 हजार को ही मिला काम
भोपाल. मध्य प्रदेश में अप्रेल माह में 9.11 लाख से ज्यादा मजदूरों ने रोजगार की मांग की है। 10 अप्रेल तक 93 हजार मजदूरों को ही रोजगार दिया जा सका है। मनरेगा के तहत जनवरी से मार्च की स्थिति में भी रोजगार सौ फीसदी मांग पूरी नहीं कर पाया है।
अप्रेल की स्थिति में 4.46 लाख जॉब कार्ड को स्थाई रूप से रद्द किया गया है। इनमें 30 फीसदी जॉब कार्ड ऐसे भी थे, जिनके लिए रोजगार जनरेट कर आपूर्ति को दस्तावेजों में अपलोड किया गया था। सत्यापन में यह गलत पाए गए। 8 लाख से ज्यादा जॉब कार्ड रद्द करने के दायरे में रहे। बाकी की जांच व सत्यापन चल रहा है। अब रोजगार की डिमांड वाले जॉब कार्ड सत्यापन के दायरे में रखने के साथ डिमांड न करने वाले लोग भी सत्यापन के दायरे में रखे जा रहे हैं।
प्रतिपूर्ति में देरी
रोजगार न देने पर क्षतिपूर्ति मामले में मध्य प्रदेश की परफॉर्मेंस बेहतर नहीं है। मनरेगा में 96 फीसदी मजदूरी भुगतान एफटीओ से तय समयावधि में बताए गए हैं। बाकी पेमेंट में प्रतिपूर्ति में देरी सामान्य है। सामान्य: 67 फीसदी मजदूरों को प्रतिपूर्ति तय समय पर नहीं मिल पाती। अधिकतर काम ऑनलाइन होने से द्वेयक जारी होने के पहले रोजगार की गणना में समय लग जाता है।
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Published on:
12 Apr 2022 02:13 pm

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