
फोटो सोर्स: पत्रिका
MP News: गरीब सब्जी विक्रेता के चार माह के बेटे को जटिल हार्ट सर्जरी के बाद नई जिंदगी मिली है। जिला स्वास्थ्य विभाग की त्वरित पहल और राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य (आरबीएस) कार्यक्रम के तहत यह महंगा ऑपरेशन मुंबई में मुफ्त में किया गया। इलाज पर साढ़े तीन लाख रुपए का खर्च आया, जो पूरी तरह योजना से कवर हुआ। इसके साथ ही लगभग चार माह पहले पुत्र प्राप्ति की खुशी के 15-20 दिन बाद गंभीर बीमारी से बेटे की तड़प से दुखी मोहन (परिवर्तित नाम ) के घर में फिर से खुशहाली छा गई।
बागमुगलिया निवासी मोहन (परिवर्तित नाम) के बेटे को जन्म के कुछ ही दिनों बाद बार-बार बुखार, सर्दी-खांसी और सांस लेने में तकलीफ होने लगी। बच्चा रात-रात भर रोते रहना मां-बाप को लगातार परेशान करने लगा। बच्चे को आसपास के डॉक्टर के पास दिखाया भी, लेकिन इलाज से कोई स्थाई आराम नहीं मिला।
राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम का दल बागमुगलिया क्षेत्र की आंगनवाड़ी में बच्चों के नियमित स्वास्थ्य परीक्षण के लिए पहुंचा। बच्चे के परीक्षण में टीम को लगा कि बच्चे को हृदय संबंधी कोई समस्या है। उन्होंने माता-पिता को समझाया और जिला शीघ्र हस्तक्षेप केंद्र आकर बच्चे की विस्तृत जांच के लिए तैयार किया गया। बच्चे का परीक्षण करके पता चला कि उसे दिल की जटिल बीमारी है, जिसका जल्द ऑपरेशन करवाना बेहद जरूरी है।
बच्चे को एसआरसीसी अस्पताल, मुंबई भेजा गया, जहां 18 जुलाई को आर्टेरियल स्विच सर्जरी विद एट्रियल और वेंट्रिकुलर सेप्टल डिफेक्ट की जटिल सर्जरी सफलतापूर्वक की गई। उपचार के बाद बच्चा पूरी तरह स्वस्थ है।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मनीष शर्मा ने बताया कि जिला चिकित्सालय परिसर में संचालित शीघ्र हस्तक्षेप केंद्र के माध्यम से आरबीएस योजना अंतर्गत बच्चों को सर्जरी और थैरेपी सेवाएं निशुल्क मिल रही हैं। यह सुविधा न केवल बीपीएल बल्कि एपीएल परिवारों के लिए भी पूरी तरह मुफ्त उपलब्ध है। अब बच्चा पूरी तरह ठीक है।
Updated on:
4 Sep 2025, 11:23 AM IST
Published on:
4 Sep 2025, 11:23 AM IST
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