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Monsoon Update : 3 से 6 अक्टूबर तक होगी इन जिलों में होगी झमाझम बारिश, 10 अक्टूबर को विदा हो जाएगा मानसून

अक्टूबर के आखिरी सप्ताह में प्रदेश में गुलाबी ठंड देगी दस्तक....

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Monsoon

भोपाल। देश में सितंबर के अंतिम सप्ताह से मानसून की विदाई बेला जारी है। प्रदेश की बात करें तो चंबल से मानसून पीछे हटना शुरू हुआ है जो कि 10 अक्टूबर तक सभी 53 जिलों से वापस हो जाएगा। इधर, अक्टूबर के आखिरी हफ्ते में गुलाबी ठंड दस्तक दे सकती है। हालांकि आंकड़ों पर नजर डालें तो पता चलता है कि वर्ष 2023 में प्रदेश पर मानसून वैसा मेहरबान नहीं रहा जैसी कि अन्नदाता से लेकर हर आम और खास ने आशा की थी।

मध्यप्रदेश में 1 जून से 1 अक्टूबर तक औसत 37.22 इंच वर्षा हुई है, जो कि तय बारिश से 0.4 प्रतिशत कम है। इस तरह ये माना जा सकता है कि प्रदेश का काम चल जाएगा लेकिन वर्ष 2024 में ग्रीष्म का मौसम आते-आते जल संकट के हालात बनेंगे। बहरहाल, मध्य प्रदेश के पूर्वी और पश्चिमी हिस्सों की बात करें तो पता चलता है कि पूर्वी हिस्से में 4 प्रतिशत कम और पश्चिमी हिस्से में 3 प्रतिशत अधिक बारिश हुई है।

बंगाल की खाड़ी में फिर बना सिस्टम

मानसून की वापसी के बीच प्रदेश में कभी तेज धूप और गर्मी का अहसास होता रहा तो कभी बादल छाने के साथ हल्की बूंदाबांदी से ठंडक हुई। मौसम विभाग की मानें तो अक्टूबर के पहले हफ्ते दो या तीन दिन तक हल्के बादल भी छाने की संभावना है। वहीं बंगाल की खाड़ी में बने सिस्टम से पूर्वी मध्य प्रदेश रीवा व शहडोल संभाग के जिलों में कहीं-कहीं हल्की बारिश हो सकती है।

10 अक्टूबर तक विदा हो जाएगा मानसून

मप्र में सितंबर के अंतिम दिन शनिवार यानी 30 सितंबर को चंबल संभाग के मुरैना व श्योपुर जिलों से मानसून ने विदाई लेनी शुरू की। संभावना जताई जा रही है कि अगले 48 घंटों में ग्वालियर सहित संभाग के अन्य जिलों से मानसून की वापसी हो जाएगी। राजधानी भोपाल से इसके 7 से 10 अक्टूबर के बीच विदाई के संकेत हैं। दक्षिण-पश्चिमी मानसून की 3 अक्टूबर तक वापसी शुरू हो जाएगी और 10 अक्टूबर तक यह पूरे प्रदेश से विदाई ले लेगा।

नरसिंहपुर में सबसे अधिक बारिश

प्रदेश में सबसे ज्यादा बारिश नरसिंहपुर जिले में 51.75 इंच दर्ज की गई। इसी तरह से भिंड जिला में सामान्य बारिश का आंकड़ा 141 प्रतिशत तक पहुंच गया। जबलपुर, सीहोर, रायसेन, आलीराजपुर, बुरहानपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, मंडला, बालाघाट, डिंडोरी, निवाड़ी, देवास, रतलाम, नर्मदापुरम, हरदा, बैतूल और अनूपपुर में आंकड़ा 40 इंच या इससे अधिक है। एक दशक के दमियान ये सातवां अवसर या वर्ष है जब प्रदेश में 1000 मिमी से कम 943.2 मिमी वर्षा हुई है।