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भोपाल. विधानसभा चुनाव के दो महीने पहले उद्योगों को फायदा पहुंचाने के लिए सरकार ने निजीकरण का नया रास्ता अख्तियार किया है। इसके लिए कैबिनेट बैठक में मंगलवार को एक्सीलेंस सेंटर पॉलिसी-2018 मंजूर कर दी गई। इसमें उद्योगों को एक्सीलेंस सेंटर खोलने के लिए सरकारी भवन और 40 करोड़ रुपए तक की सहायता का प्रावधान है। ये सहायता तकनीकी शिक्षा के चिन्हित सेक्टर में रोजगार व स्वरोजगार के लिए खोले जाने वाले सेंटर के लिए मिलेगी। इसके लिए निजी एजेंसी को आवेदन करना होगा, जिसमें राज्यस्तरीय कमेटी प्रथम आओ-प्रथम पाओ की नीति अपनाकर निर्णय करेगी।
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में बैठक में इस नीति को मेक इन इंडिया के तहत मंजूरी दी गई। तकनीकी शिक्षा विभाग ने इस नीति को पेश किया। इसमें किसी भी सरकारी निकाय या उसके एक भाग को उत्कृष्टता केंद्र बनाने का प्रावधान है। यानी इसे सरकारी भवन, आइटीआइ, स्कूल या अन्य जगह भी स्थापित किया जा सकेगा। इन केंद्रों को विभिन्न केंद्रीय और राज्य की सरकारी परियोजनाओं के तहत भी सहायता की पात्रता रहेगी।
रेत के नए नियम मंजूर
शिवराज कैबिनेट ने रेत खनन नीति के नए नियम भी मंजूर कर दिए। इसके तहत अवैध खनन और परिवहन करते पहली बार पकड़ाने वाले डंपर सहित अन्य वाहनों पर पहले की अपेक्षा सात गुना जुर्माना किया जाएगा, लेकिन पहली बार में उसे राजसात नहीं किया जाएगा। दूसरी बार पकड़ाने पर वाहन राजसात कर लिए जाएंगे।
ये प्रस्ताव भी मंजूर
ये रहेंगे नियम
Published on:
05 Sept 2018 12:28 pm
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