बरेली. जिसे तुम अपना मान रहे हो, अव अपना नहीं है और जो अपना है, उसे अपना नहीं मानना ही जीवन की सबसे बडी बिडम्बना है। आदमी घर, फैक्टरी, पत्नी, बेटा, पोता, पोती, जेवर, गाड़ी को अपना मानने की बड़ी भूल करता है। संसार की सभी वस्तुएं रिश्ते, नाते सब यहीं छूट जाते हैं फिर भी आदमी उन्हीं सब में जीवन पर्यन्त उलझा रहता है।