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एमपी में महिला कर्मचारियों को बड़ी सौगात, सेलरी के संबंध में एडवाइजरी जारी

Salary- देश-दुनिया में महिलाएं अब पुरुषों के कंधे से कंधा मिलाकर हर काम कर रहीं हैं। सरकारी और प्राइवेट नौकरियों में भी आधी आबादी की हिस्सेदारी बढ़ी है।

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Assembly Speaker holds consultation on increase in MLAs' salaries and allowances

Assembly Speaker holds consultation on increase in MLAs' salaries and allowances- Demo pic

Salary- देश-दुनिया में महिलाएं अब पुरुषों के कंधे से कंधा मिलाकर हर काम कर रहीं हैं। सरकारी और प्राइवेट नौकरियों में भी आधी आबादी की हिस्सेदारी बढ़ी है। कारखानों, वाणिज्यिक कंपनियों या अन्य प्रतिष्ठानों में काम करनेवाली महिलाओं की संख्या में दिनोंदिन इजाफा होता जा रहा है। काम के प्रति महिलाओं की लगन और समर्पण पुरुषों की तुलना में ज्यादा पाया जाता है हालांकि उन्हें इसका उचित प्रतिफल नहीं मिल रहा। वेतन के मामले में महिलाओं से भेदभाव बेहद आम बात है। कार्यस्थल पर पुरुषों के मुकाबले उन्हें पारिश्रमिक कम ही दिया जा रहा है। एमपी में महिला कर्मचारियों के साथ हो रहे इस भेदभाव को रोकने के लिए बड़ी पहल की गई है। श्रम विभाग ने बाकायदा एडवाइजरी जारी कर उन्हें पुरुषोें के समान वेतन देने को कहा है। इस संबंध में शिकायत के लिए टोल फ्री नंबर भी दिया गया है।

एमपी के श्रम विभाग ने महिला कर्मचारियों को बड़ी सौगात दी है। श्रम विभाग ने महिलाओं के हित में समान पारिश्रमिक अधिनियम 1976 के पालन के लिए एडवाइजरी जारी की है। इसके अंतर्गत उन्हें पुरुषोें के बराबर वेतन देने के स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं।

महिला कर्मचारियों, श्रमिकों को समान कार्य का समान वेतन देना अनिवार्य

श्रम विभाग की ओर से इस संबंध में सभी कारखानों, वाणिज्यिक, शासकीय संस्थानों तथा अन्य प्रतिष्ठानों को पत्र जारी किया गया है। इसमें साफ कहा गया है कि पुरुष और महिला कर्मचारियों, श्रमिकों को समान कार्य का समान वेतन देना अनिवार्य है। विभाग ने भर्ती प्रक्रिया में भी किसी भी प्रकार के लैंगिक भेदभाव नहीं करने की हिदायत दी है।

शिकायत दर्ज कराने टोल फ्री नंबर 18002338888

महिलाओं के वेतन या भर्ती में भेदभाव की स्थिति में सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। श्रम विभाग ने इन नियमों का उल्लंघन होने की स्थिति में संबंधित महिला कर्मचारी या श्रमिक द्वारा शिकायत दर्ज कराने टोल फ्री नंबर 18002338888 उपलब्ध कराया है। विभागीय ​अधिकारियों के अनुसार जिला श्रम कार्यालयों और सीएम हेल्पलाइन पोर्टल पर भी ऐसी शिकायतेें की जा सकती हैं। महिला कर्मचारियों के वेतन में भेदभाव की स्थिति में व्हाट्सएप नंबर पर भी शिकायत दर्ज कराई जा सकेगी।