24 जनवरी 2026,

शनिवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

अफ्रीका से आने वाले हैं चीतें, स्वागत के लिए तैयार है नेशनल पार्क

अफ्रीका में चीतों को भारत भेजने की तैयारी भी हो गई शुरू, आठ चीतों के ठाठ...कूनो पालपुर नेशनल पार्क के 9 बाड़े स्वागत को तैयार

2 min read
Google source verification

भोपाल

image

Manish Geete

Jul 23, 2022

chitaah.png

भोपाल/नई दिल्ली। दक्षिण अफ्रीका से अगले महीने भारत आने वाले 12 अफ्रीकी चीतों को यात्रा के लिए तैयार किया जा रहा है। इन्हें दो बाड़ों में अलग से रखा गया है। चीतों को भारत में दोबारा बसाए जाने की योजना के तहत इन्हें पहले चरण में प्रदेश में लाया जा रहा है। अफ्रीकी देशों से कुल 20 चीते मिलेंगे, जिनमें से 8 नामीबिया से आएंगे। इन्हें कूनो नेशनल पार्क में बसाया जाएगा।

श्योपुर और मुरैना में फैले कूनो पालपुर नेशनल पार्क आने वाले 8 में चार नर और चार मादा चीते हैं। भारतीय वन्य जीव प्रबंध संस्थान देहरादून के डीन वायवी झाला का कहना है, चीता लाने के प्रस्ताव दोनों देशों में विधि परीक्षण के लिए भेजा है। नामीबिया से कूनो नेशनल पार्क में आठ चीते 15 अगस्त से पहले आएंगे। हेलिकॉप्टर से चीते यहां लाए जाएंगे। इसके लिए यहां पर 9 बाड़े तैयार किए गए हैं। पार्क में इनके शिकार के लिए चीतल रखने की व्यवस्थाएं पूरी कर ली गई हैं।

तेंदुए निकालना बाकी

बाड़े में तीन तेंदुए हैं, इन्हें वहां से निकाला जाना है। दरअसल, तेंदुए अगर बाड़े में रहेंगे तो चीते पर हमला कर सकते हैं। इससे इन्हें वहां से हटाना जरूरी है।

ग्रीन पर्दा भी लगेगा

बाड़े में ग्रीन पर्दा भी लगेगा, ताकि चीता बाहर किसी शाकाहारी वन्य जीव को न देख सके। वैज्ञानिकों का मानना है कि अगर यह देखेगा तो उनके शिकार के लिए तेजी से दौड़ेगा और बाड़े के लोहे की जाली से टकराकर घायल हो जाएगा।

यह भी पढ़ेंः चीता के लिए बेहतर घर है कूनो नेशनल पार्क, अफ्रीकी दल ने की तारीफ

चीतों को टीके की दूसरी खुराक आज

बीमारियों से बचाने के लिए चीतों को टीके की पहली खुराक दी चुकी है। शनिवार को दूसरी खुराक देंगे। बीमारियों की जांच के लिए चीतों का रक्त परीक्षण होगा। उन्हें शनिवार को ही कॉलर लगाया जाएगा।

यह भी पढ़ेंः चीता के लिए बेहतर घर है कूनो नेशनल पार्क, अफ्रीकी दल ने की तारीफ

यह भी पढ़ेंः 73 साल बाद भारत में दिखेगा चीता, तीन सेकंड में पकड़ लेता है 103 की रफ्तार