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अजब-गजब: ये है तांबे का अनोखा गिलास, पानी पीने के बाद बन जाता है कटोरी

चार पीढ़ियों का अनोखा शौक: घर के एक कमरे में बना है छोटा संग्रहालय

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unique copper glass

भोपाल। इंसान चाहे जैसा भी हो, उनका शौक उन्हें दूसरों से अलग कर ही देता है। कुछ ऐसे ही हैं राजधानी के मोहम्मद शमीम हाशमी। इनके पास अनोखी चीजों का एक अनोखा संग्रह है। इसके लिए इन्होंने घर में ही एक छोटा संग्रहालय बना रखा है। इसमें सबसे अनूठा है करीब 100 साल पुराना तांबे का गिलास। 300 ग्राम के इस गिलास से पानी पीने के बाद इसे कटोरी जैसा भी बनाया जा सकता है। यही नहीं, इनके पास 42 देशों के इत्र का भी कलेक्शन है। इसमें 70 से ज्यादा सुगंध वाली 2500 शीशियां हैं। शमीम का परिवार चार पीढ़ियों से इन चीजों के संग्रहण में जुटा है। करीब 15 सदस्य इस काम को मिल बांटकर करते हैं।

250 साल पुराने पानदान दिलाते नवाब काल की याद

हाशमी ने बताया, भोपाल के लोगों को चाय से पहले पान का शौक होता था। यहां के लोग एक-दूसरे को मान का पान खिलाते थे। हमारे पास 26 तरह के पानदान हैं। इसमें गोल डिजाइन और हैदराबादी नक्काशी वाले पानदान भी हैं। अधिकांश 200 से 250 साल पुराने हैं। वहीं 15 तरह के सरोते हैं। एक 200 साल पुराने सरोते पर भोपाल नवाब के झंडे की मछली भी बनी है।

200 साल पुराना इंकपॉट

शमीम बताते हैं कि करीब 70 साल पहले मैंने अनोखी चीजों का संग्रहण शुरू किया था। इसमें एक के सिक्के पर बनी 100 साल पुरानी चुनेटी तो 200 साल पुराना इंकपॉट भी है। शमीम के बेटे मन्नान अहमद हाशमी ने बताया कि हमारे घर में एक 80 साल पुराना सागौन की लकड़ी का पानदान था।