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‘एथलेटिक्स में बड़ा कॉम्पीटिशन है, ट्रेनिंग से ज्यादा मेंटली स्ट्रॉन्ग होने की जरूरत’

भारत की पूर्व लॉन्ग जंपर एथलीट अंजू बॉबी जॉर्ज भोपाल में एक निजी कॉलेज के कार्यक्रम में हुईं शामिल....

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भोपाल. भारत की पूर्व लॉन्ग जंपर एथलीट अंजू बॉबी जॉर्ज ने कहा कि टोक्यो ओलंपिक में नीरज चोपड़ा का स्वर्ण पदक जीतना भारतीय एथलेटिक्स का सुनहरे भविष्य की ओर ईशारा करता है। इससे युवा पीढ़ी को नई ऊर्जा मिलेगी। युवा उन्हें अपना आदर्श मानकर ही एथलेटिक्स में आ रहे हैं। मुझे उम्मीद है कि हमारे एथलीट 2024 में भी भारत के लिए पदक जीत सकेंगे। अंजू शनिवार को एक निजी यूनिवर्सिटी के कार्यक्रम में शिरकत करने भोपाल आई थीं। इस दौरान उन्होंने बताया कि नीरज हमेशा अनुशासन में रहते हैं। और शांत स्वभाव के हैं। यही कारण है कि उन्होंने ओलंपिक में अपना बेस्ट दिया और वे सफल भी हुए।



'देश को दूंगी टॉप के एथलीट'
हाल में ही अंजू बॉबी जॉर्ज को विश्व एथलेटिक्स संघ ने वुमेन ऑफ द ईयर चुना है। इस उपलब्धि पर उन्होंने कहा कि मुझे देश में प्रतिभाओं को तराशने और लैंगिक समानता की पैरवी के लिए वर्ष की सर्वश्रेष्ठ महिला का पुरस्कार दिया है। यह मेरे लिए गर्व की बात है। इंडियन एथलेटिक्स फेडरेशन की सीनियर उपाध्यक्ष अंजू ने बताया कि वो 2016 से पति (रॉबर्ट बॉबी जॉर्ज) के साथ एक अकादमी चला रही हैं। जिसमें युवा लड़कियों को ट्रेनिंग दी जाती है। जिससे कई चैंपियन एथलीट भी निकल रहे हैं। इसका ताजा उदाहरण शैली है। शैली ने 6.48 मीटर छलांग लगाकर सीनियर राष्ट्रीय अंतरराज्यीय चैंपियनशिप जीती थी। साथ ही अंडर-20 वर्ल्ड एथलेटिक्स चैंपियनशिप में रजत पदक जीता था। उम्मीद है कि हम आगे भी बेस्ट एथलीट इंडिया को देंगे।

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'एशिया में बेस्ट प्रदर्शन कर रहे हमारे एथलीट'
अन्य देशों की तुलना में हमारे एथलीट ज्यादा सफल क्यों नहीं है, इस सवाल पर दो बार की इस ओलंपियन ने कहा कि ओलंपिक में अन्य खेलों की तुलना में एथलेटिक्स के इवेंट सबसे ज्यादा होते हैं। कई देश भी एथलेटिक्स के लिए ही तैयारी करते हैं। इसमें कई छोटे-छोटे देश भी हैं। इसलिए एथलेटिक्स में बहुत बड़ा कॉम्पीटिशन होता है। हमारे एथलीट्स ट्रेनिंग में तो खूब मेहनत करते हैं लेकिन मेंटली तैयारी कम होती है। उन्होंने बताया कि ऐसा नहीं है कि हमारे एथलीट बहुत पीछे हैं। ट्रेक इवेंट्स में वो एशिया में अपना दबदबा बना रहे हैं। वो दिन दूर नहीं है जब हमारे ज्यादा से ज्यादा एथलीट ओलंपिक में पहुंचेंगे। केरल की अर्जुन अवॉर्डी एथलीट अंजू बॉबी जार्ज ने कहा कि उन्हें ओलंपिक में पदक नहीं जीतने का हमेशा मलाल रहेगा। बता दें कि उन्होंने 2004 के एथेंस ओलंपिक और 2008 के बीजिंग ओलंपिक में भी भाग लिया था लेकिन पदक जीतने में सफल नहीं हो सकी थीं।

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मेरे दो बच्चों, दोनों को ही एथलीट बनाऊंगी
राजीव गांधी खेल रत्न और पद्मश्री प्राप्त अंजू बॉबी जॉर्ज ने बताया कि मैंने 5 साल की उम्र से ही एथलेटिक्स प्रतियोगिताओं में भाग लेना शुरू कर दिया था। मेरे दो बच्चे हैं। आरोन जॉर्ज और एंड्रिया जॉर्ज दोनों ही एथलेक्टिस की तैयारी कर रहे हैं। मैं उन्हें एथलेक्टिस के लिए मोटिवेट करती हूं। मैं यहीं चाहूंगी कि ये दोनों एथलेक्टिस में भारत का प्रतिधिनित्व करें और देश के लिए पदक जीतें। मैं उन्हें अपनी तरह लॉन्ग जंपर ही बनना चाहती हूं। लेकिन हो सकता है कि वो किसी अन्य इवेंट में भी अच्छा कर पाएं। उन्होंने बताया कि वर्तमान में एथलेटिक्स में कई बदलाव हुए हैं। युवाओं को बेस्ट सुविधाएं दी जा रही हैं। जो मेरे समय नहीं मिल पाती थी।

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