
Another suicide suspected due to Blue Whale game in bhopal madhya pradesh
भोपाल. आईटीआई कर रहे एक छात्र ने फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली है। आशंका है कि छात्र ने ब्लू व्हेल गेम के कारण आत्महत्या की है। हालांकि, पुलिस को एेसे कोई प्रमाण नहीं मिले हैं। मृतक का फोन लॉक है, जिसे जब्त कर लिया है। यह घटना सोमवार तड़के पांच बजे गोविंदपुरा थाना क्षेत्र की है।
पुलिस के मुताबिक विशाल पिता अवधेश सिंह कुशवाह (1७) सिक्योरिटी लाइन के समीप विकास नगर में रहता था। वह आईटीआई की पढ़ाई कर रहा था। रविवार रात ग्यारह बजे खाना खाने के बाद वह अपने छोटे भाई अनुज के साथ सोने चला गया था।
सुबह करीब पौने पांच बजे, जब छोटा भाई जागा तो विशाल छत पर लोहे के एंगल में मां की साड़ी से लटका मिला। भाई को लटका देख, उसकी चीख निकल गई। चीख-पुकार सुन माता-पिता उसके कमरे में पहुंचे, तो नजारा देख सन्न रह गए। परिजनों ने इसकी सूचना पुलिस को दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव का पंचनामा बनाकर पीएम के लिए भेज दिया। पीएम के दौरान छात्र की कलाई या अन्य स्थानों पर कहीं भी कट या चोट के निशान चिकित्सकों को नहीं मिले हैं।
सुबह चार बजे जाता था दौडऩे
मृतक के पिता अवधेश भेल में ठेका श्रमिक हैं। परिजनों ने बताया कि वह पुलिस आरक्षक बनने की तैयारी कर रहा था। सुबह चार बजे उठकर वह घर से दौडऩे निकलता था, लेकिन विशाल ने जब से नया मोबाइल फोन लिया था, दोस्तों के साथ भी बहुत समय कम देने लगा था। वह हर वक्त मोबाइल पर गेम खेलने में व्यस्त रहता था। आशंका जताई जा रही है कि ब्लू व्हेल गेम के टॉस्क पूरा के चक्कर में ही उसने आत्महत्या की है।
किस्त पर मोबाइल
विशाल ने अपनी मां से जिद कर डेढ़ माह पहले 18 हजार रुपए का मोबाइल फाइनेंस कराया था। 1200 रुपए की किस्त प्रतिमाह जमा कर रही है। बताया जा रहा है बीते वर्ष विशाल कक्षा 12वीं में फैल हो गया था। उसका किसी से कोई बात को लेकर विवाद नहीं हुआ, फिर उसने एेसा कदम क्यों उठा लिया। पुलिस को मृतक के पास से कोई सुसाइड नोट भी नहीं मिला है। छात्र की रहस्यमयी मौत का खुलासा जांच के बाद ही होगा।
स्कूल-कॉलेज की छत को रखना होगा लॉक
ब्लू व्हेल गेम से प्रभावित होकर विद्यार्थियों में पनप रही हिंसक और आत्महत्या की प्रवृत्ति पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस अब स्कूल-कॉलेजों में नियमित भ्रमण कर सुरक्षा उपायों की
समीक्षा करेगी। इसके साथ डीआईजी संतोष कुमार सिंह के निर्देश पर पुलिस ने स्कूल-कॉलेजों के लिए एक एडवाइजरी भी जारी की है। इसका पालन सभी स्कूल-कॉलेज संचालक को करना होगा।
इस तरह बनानी होगी व्यवस्था
स्कूल/कॉलेज प्रबंधन को शैक्षणिक एवं गैर शैक्षणिक स्टाफ का पुलिस वेरीफिकेशन कराना होगा। अपनी बसों के ड्राइवर एवं कंडक्टरों का भी वेरीफिकेशन कराना होगा।
बसों में महिला टीचर विद्यार्थियों को लेने-छोडऩे हेतु नियुक्त की जाएं।
माली, स्वीपर, सिक्योरिटी गाड्र्स का वेरीफिकेशन कराएं। फुटकर कर्मचारियों की सेवाएं न लें।
बसों और स्कूल-कॉलेज परिसर में कॉरिडोर व अन्य स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं। इनका १५-15 दिन का बैकअप रखा जाए।
खाली क्लास रूम में ताला लगाकर रखा जाए। स्कूल/कॉलेज की छतों को हर समय लॉक रखा जाए।
यदि स्वीमिंग पूल है तो स्वीमिंग क्लासेस के अतिरिक्तवहां किसी को न जाने दें।
विद्याथियों के लिए अलग-अलग टॉयलेट हो। महिला टॉयलेट की सफाई महिला कर्मचारी ही करंे।
विद्यार्थियों के असामान्य व्यवहार एवं शरीर पर चोट के निशान मिलने पर उनके अभिभावक से चर्चा और सहायता के उपाय किए जाएं।
वर्तमान में ब्लू-व्हेल गेम के कारण विभिन्न विद्यार्थियों द्वारा आत्महत्या जैसे कदम उठाए गए हैं। इस संबंध में स्कूल परिसर में विद्यार्थियों को ब्लू-व्हेल गेम के बारे में आवश्यक जानकारी प्रदान करें।
स्कूल/कॉलेज के एंट्री एवं एक्जिट पर एक्सिस कंट्रोल हो जिससे किसी भी अंजान व्यक्तिको परिसर में बिना अनुमति प्रवेश नहीं दिया जाए।
इसके लिए स्लाइड-शो प्रजेंटेशन या असाइनमेन्ट के माध्यम से भी विद्यार्थियों को जागरूक किया जाए।
विद्यार्थियों की कक्षाओं के प्रति अरुचि अथवा अनुपस्थिति की स्थिति में उनके अभिभावकों को सूचित किया जाए।
परिसर के बाहर एवं सड़क पर लगाये जाने वाले अस्थाई ठेले एवं दुकानों में काम करने वालों की पहचान स्थापित कर उनका वेरीफिकेशन कराया जाए।
Published on:
19 Sept 2017 10:30 am
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