
फोटो सोर्स: पत्रिका
Bhopal AQI: एमपी के भोपाल शहर की हवा में सांस लेने से दमा और फेफड़ों से जुड़ी बीमारियों का खतरा बढ़ रहा है। सर्दी बढ़ने के साथ हवा में प्रदूषण तेजी से बढ़ रहा है। बीते दिन टीटी नगर प्रदेश का दूसरा सबसे ज्यादा प्रदूषित क्षेत्र रहा है। यहां एक्यूआइ 325 दर्ज हुआ। हवा का यह स्तर अति गंभीर है। इससे बच्चों और बुजुर्गो को सबसे ज्यादा खतरा है।
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से बुधवार शाम जारी आंकड़ों के मुताबिक टीटी नगर में एयर क्वालिटी इंडेक्स 325 दर्ज हुआ। ईदगाह हिल्स कोहेफिजा पर एक्यूआइ 306 रेकार्ड किया गया। हवा में पीएम 2.5 अधिक था। पर्यावरण परिसर में यह आंकड़ा 264 रेकॉर्ड हुआ है।
-हवा का स्तर बिगड़ने से लोगों की सेहत पर असर हुआ है। हमीदिया और जिला अस्पताल की ओपीडी में सांस की मरीजों की संख्या बढ़ गई। श्वांस रोग विशेषज्ञ डॉ. पीके शर्मा ने बताया बीस प्रतिशत तक मामले अभी बढ़े हैं। डॉक्टर्स का कहना है कि इससे ब्रेन डैमेज का खतरा बढ़ रहा।
-हवा में धुले छोटे कण, खुले में आग और वाहनों का धुंआं कारण: हवा में छोटे कण अधिक हुए। विशेषज्ञों के मुताबिक प्लास्टिक जलाना, ट्रैफिक जाम हवा के खराब होने के लिए सबसे बड़े जिमेदार हैं।
-प्रदेश में नौ स्थानों पर एक्यूआइ तीन सौ से पार, इनमें दो भोपाल से: प्रदेश में नौ स्थानों पर एक्यूआइ 300 से पार हो गया है। इसमें दो स्थान भोपाल के है। सबसे अधिक एक्यूआइ सिंगरौली में रहा है। यह 327 दर्ज हुआ है। इसके बाद भोपाल है।
सर्दी बढ़ने के साथ हवा की गुणवत्ता में गिरावट आ रही है। इसमें धुंआ और धूल मुय कारण है। इससे निपटने नगरीय निकाय सहित दूसरी एजेंसी इंतजाम करती है। शहर में तीन स्थानों पर जांच हो रही है।- ब्रजेश शर्मा, क्षेत्रीय अधिकारी एमपीपीसीबी
Published on:
20 Nov 2025 12:26 pm
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