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क्रिकेट के लिए 5 लाख करोड़ की प्रॉपर्टी भी छोड़ सकता है यह बिजनेसमैन

5 लाख करोड़ से भी अधिक प्रापर्टी के मालिक कुमार मंगलम बिड़ला के 20 वर्षीय बेटे का लक्ष्य बिजनेस नहीं, वो तो खिलाड़ी बनना...।

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भोपाल

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Manish Geete

Mar 27, 2026

aryaman birla

5 लाख करोड़ से भी अधिक प्रापर्टी के मालिक कुमार मंगलम बिड़ला के बेटे का लक्ष्य बिजनेस नहीं, वो तो खिलाड़ी बनना चाहता है। उसका पैशन ही है कि वह भारतीय टीम में शामिल होना चाहता है, वो भी बगैर किसी सोर्स के। अपने इसी सपने को पूरा करने के लिए वह इन दिनों बिजनेस छोड़कर छोटे-छोटे शहरों में पसीना बहा रहा है। उसके खेल का ही कमाल है कि वह मध्यप्रदेश की रणजी क्रिकेट टीम में हाल ही में शामिल हुआ है।

पिता के सोर्स से बना खिलाड़ी

देश में ऐसे खिलाड़ियों की भी कमी नहीं है, जो पिता के प्रभाव का लाभ लेकर T-20 टीम में सिलेक्ट हो गया है, बिहार के सांसद और बाहुबली नेता पप्पू यादव का बेटा जो मैच भी खेल चुका है। लेकिन, आर्यमन यहां तक अपनी मेहनत के दम पर पहुंचा है और आगे भी वो ऐसा खेलना चाहता है कि वह देश की टीम में खेल सके।

लाजवाब है इसका परफार्मेंस

दुनिया के जाने माने उद्योगपति 5 लाख करोड़ के मालिक कुमार मंगलम बिड़ला के इकलौते बेटे आर्यमन का रणजी टीम में सिलेक्शन अपने दम पर हुआ है। उसका खेल देख चयनकर्ताओं ने भी सिर्फ खेल और खिलाड़ी का परफार्मेंस देखा।

मध्यप्रदेश में रहते हैं आर्यमन

नामी उद्योगपति कुमार मंगलम का बेटे आर्यमन अपनी फैमिली से दूर मध्यप्रदेश में ही अक्सर रहते हैं। उन पर क्रिकेट का जुनून इतना हावी है कि वे की माह से घर नहीं गए। यहां तक कि वे क्रिकेट के लिए कई बार सबकुछ छोड़ने की भी बात कहते हैं।

पहला मैच रीवा से खेला

अपने चयन के बारे में आर्यमन कहते हैं कि उन्हें मध्यप्रदेश की रणजी टीम में खेलने पर बेहद गर्व है। मैंने तीन साल पहले एमपी की टीम में रीवा में मैच खेला था।

लेफ्ट हैंडेड खिलाड़ी हैं आर्यमन

मध्यप्रदेश की टीम में रहकर अंडर 23 CK नायडू ट्राफी में उन्होंने डबल सेंचुरी लगाई थी। इसके अलावा वे अब तक 3 शतक भी लगा चुके हैं। वे लेफ्ट हैंड के बैट्समैन है, जिसे बॉलर आसानी से आउट नहीं कर पाता है।

 

पत्रिका से विशेष बातचीत

पिछले दिनों आर्यमन विक्रम बिड़ला से पत्रिका ने खास बातचीत की थी। आर्यमन बताते हैं कि याद तो नहीं है कि किसे देखकर क्रिकेट से लगाव हुआ। हां, इतना पता है मैं आठ वर्ष की उम्र से ही क्रिकेट खेलने जाने लगा था। इंडिया में क्रिकेट किसी धर्म की तरह माना जाता है, मुंबई में क्रिकेट का बहुत चलन है, मैंने भी वहां क्रिकेट की बारीकियां सीखीं।
-सागर के एमपीसीए मैदान पर कर्नल सीके नायडू अंडर-23 टूर्नामेंट में आर्यमन ने 230 रन का स्कोर बनाया था। यह उनके कॅरियर का पहला दोहरा शतक था।

  

बिजनेस की बातें नहीं करते

आर्यमन पूरा ध्यान क्रिकेट पर देना चाहते हैं। उनसे बिजनेस के बारे में पूछने पर भी वे इन बातों को यह कहकर टाल देते हैं कि बिजनेस की बातें जब होगी, तब होंगी। वे कहते हैं कि फिलहाल क्रिकेट ही पैशन है। वह अपने इस पैशन के लिए सबकुछ छोड़ सकता हूं।

अपने साथियों को देखकर ही सीखता हूं

सागर में क्रिकेट के प्रति रुचि और मैदान पर आर्यमन ने कहा पूरे देश के साथ ही मप्र में भी क्रिकेट सबसे ज्यादा खेला जाता है। यहां भी लोगों में खासी रुचि है। तीन साल पहले अंडर-19 टूर्नामेंट के लिए सागर की पिच पर खेल चुका हूं। मैंने अब तक क्रिकेट में किसी को अपना आदर्श नहीं बनाया। मैं जिन लोगों के साथ खेलता हूं उन्हीं को देखकर सीखता हूं।

(नोटः यह स्टोरी पुरानी है, लेकिन आर्यमन बिड़ला के क्रिकेट के जुनून को देखते हुए इसे दोबारा शेयर किया जा रहा है। )