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आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश: अगस्त में शुरू हुई थी कवायद, अब मंत्री बताएंगे कैसे और किस तरह होगा विभाग का काम

मंत्री बताएंगे कि उनका विभाग इस योजना को अगले तीन साल में कैसे पूरा करेगा।

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भोपाल

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Pawan Tiwari

Jan 05, 2021

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भोपाल. मध्यप्रदेश की शिवराज कैबिनेट की बैठक कोलार डेम के रेस्ट हाउस में हो रही है। इस बैठक का मुख्य मुद्दा आत्मनिर्भर मध्य प्रदेश है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान मंत्रियों के साथ आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश के रोडमैप पर मंथन कर रहे हैं। आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश के रोडमैप में अधोसंरचना विकास, स्वास्थ्य एवं शिक्षा, अर्थव्यवस्था एवं रोजगार और सुशासन पर स्पष्ट रणनीति को लेकर चर्चा की जाएगी।

मंत्री एवं प्रशासन के हर स्तर पर जिम्मेदारी तय की जाएगी और उसकी प्रत्येक स्तर पर सख्त मॉनिटरिंग होगी। लोक सेवा प्रबंधन विभाग रोडमैप क्रियान्वयन में समन्वय करेगा। अन्य सभी विभाग सक्रिय भागीदारी करेंगे। इस बैठक में नीति आयोग के सीईओ अमिताभ कांत भी जुडे़ हैं।

मंत्रालय सूत्रों ने बताया कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान आत्मनिर्भर मध्य प्रदेश के रोडमैप के क्रियान्वयन को लेकर आज दिन भर मंत्रियों से वन-टू-वन बात करेंगे। इस दौरान मंत्री बताएंगे कि उनका विभाग इस योजना को अगले तीन साल में कैसे पूरा करेगा। इसके लिए आर्थिक संसाधन कैसे जुटाएंगे। मुख्य रूप से मुख्यमंत्री का फोकस रोजगार पर है।

अगस्त में शुरू हुई थी कवायद
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अगस्त में आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश का रोडमैप की कवायद शुरू हुई थी, तब उन्होंने निर्देश दिए थे कि मंत्रियों की जिम्मेदारी है कि वह जनता से जुड़े मुद्दों को शामिल करें। इसके बाद मंत्रियों ने अपनी सिफारिशें सीएम सचिवालय को भेजी। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा था कि इस योजना के क्रियान्वयन के लिए विभाग के अफसर नहीं, बल्कि मंत्री जिम्मेदार होंगे।

इन बिंदुओं पर होगी चर्चा
इसमें 1 महीने से लेकर 3 महीने, 6 महीने, 1 साल, 2 साल और 3 साल की पूरी योजनाएं होंगी। किस समय हम क्या-क्या करेंगे, किस तरह से इसे जुटाया जाएगा और कैसे आम लोगों तक पहुंचाया जाएगा।

मध्य प्रदेश पहला राज्‍य
बता दें कि मध्य प्रदेश देश का पहला ऐसा राज्य है जिसने विभिन्‍न विषय के विशेषज्ञों से परामर्श करके आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश का रोडमैप तैयार किया है।