
Knee Transplant
Knee Transplant: बुजुर्गों को घुटना ट्रांसप्लांट कराना अब 30 फीसदी तक सस्ता पड़ेगा। केंद्र सरकार ने घुटना ट्रांसप्लांट में इस्तेमाल होने वाले इम्प्लांट के मूल्य को नियंत्रण के दायरे में लाने का फैसला किया है। इससे इम्प्लांट की कीमतें घटेंगी और ट्रांसप्लांट पर होने वाला खर्च कम हो जाएगा।
वर्तमान में निजी अस्पतालों में घुटना ट्रांसप्लांट पर करीब दो से सवा दो लाख रुपए और सरकारी में एक लाख रुपए तक का खर्च आता है। नई व्यवस्था से सरकारी में अस्पताल में खर्च 70 हजार होगा।
भोपाल के हमीदिया अस्पताल के अधीक्षक और वरिष्ठ हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. सुनित टंडन का कहना है, इस फैसले से आम आदमी को बड़ी राहत मिलेगी। घुटना ट्रांसप्लांट उनकी सीमा में आ जाएगा। इम्प्लांट में मनमर्जी वसूली करने वालों पर रोक लगेगी।
राष्ट्रीय औषधि मूल्य निर्धारण प्राधिकरण (एनपीपीए) घुटना प्रत्यारोपण से जुड़े सभी इम्प्लांट की कीमतों की निगरानी करेगा। ट्रांसप्लांट में टिबियल ट्रे (सहारा देने वाले इम्प्लांट), पटेला (घुटने की टोपी) समेत 15 प्रकार के इम्प्लांट होते हैं। मूल्य नियंत्रण दायरे में आने पर मरीजों का बोझ कम होगा।
Updated on:
15 Sept 2024 11:21 am
Published on:
15 Sept 2024 11:21 am
