
भोपाल@जितेंद्र चौरसिया की रिपोर्ट...
मध्यप्रदेश में पहली बार अजीम प्रेमजी फाउंडेशन यूनिवर्सिटी खोलेगा। इसके लिए सरकार ने अजीम प्रेमजी फाउंडेशन को प्रारंभिक तौर पर 50 एकड़ जमीन देना तय कर लिया है। इसके तहत टाउन एंड कंट्री प्लानिंग ने जमीन का लैंडयूज चेंज करने के लिए शासन को प्रस्ताव भेज दिया है।
दरअसल, अजीम प्रेमजी फाउंडेशन ने भोपाल में ग्राम कानासैया में 50 एकड़ जमीन को पसंद किया है। इस पर भोपाल संभागायुक्त ने टीएनसीपी को पत्र लिखकर इस जमीन का लैंडयूज शैक्षणित करने की मांग की है। वर्तमान में भोपाल में 2005 का मास्टर प्लान लागू है, जिसमें इस जमीन का उपयोग कृषि के लिए दर्शाया गया है।
इस कारण यहां यूनिवर्सिटी स्थापित करने के लिए पहले इस जमीन का लैंड-यूज बदलना होगा। इस कारण भोपाल संभागायुक्त ने लैंडयूज बदलने पत्र लिखा, जिस पर अब टीएनसीपी कमिश्नर ने नगरीय प्रशासन विभाग को लैंडयूज कृषि से बदलकर शैक्षणिक करने के लिए प्रस्ताव भेज दिया है।
इस पर जल्द ही शासन स्तर से भी सहमति मिल जाएगी, क्योंकि सीएम कमलनाथ और उच्च शिक्षा मंत्री जीतू पटवारी के स्तर पर अजीम प्रेमजी फाउंडेशन को इस जमीन के लिए प्रारंभिक रूप से सहमति दी गई है। दोनों के प्रयास के कारण ही फाउंडेशन ने भोपाल में यूनिवर्सिटी का प्रोजेक्ट प्लान किया है।
दरअसल, मैग्नीफिसेंट एमपी के ठीक पहले इस प्रोजेक्ट पर उच्च शिक्षा विभाग की फाउंडेशन से चर्चा हुई थी। उस समय फाउंडेशन की एंट्री को लेकर प्रारंभिक स्थिति थी, इस कारण मैग्नीफिसेंट में इसे शामिल नहीं किया गया था। अब इस प्रोजेक्ट पर सहमति बन चुकी है।
कौन है अजीम प्रेमजी फाउंडेशन-
ख्यात विप्रो कंपनी के अध्यक्ष अजीम हाशमी प्रेमजी ने इस फाउंडेशन की 2001 में स्थापना की थी। इस गैर-लाभकारी संगठन को भारत में शिक्षा के क्षेत्र में काम करने के लिए शुरू किया गया। यह फाउंडेशन कर्नाटक, उत्तराखंड, राजस्थान, छत्तीसगढ़, पुडुचेरी, आंध्र प्रदेश, बिहार और मध्य प्रदेश में काम करता है। पहले फाउंडेशन मुख्य रूप से प्राथमिक शिक्षा के क्षेत्र में काम कर रहा था, अब उच्च शिक्षा में भी काम शुरू कर दिया है।
Published on:
10 Feb 2020 08:51 am
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