
government colleges: प्रदेश के सरकारी कॉलेजों में अब प्राइवेट कॉलेजों की तरह एनसीटीई (राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद) के बीएड और अन्य कोर्स में प्रवेश प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इस नई पहल से छात्रों को बड़ा फायदा होगा, क्योंकि वे अब बीएड सहित अन्य कोर्स को बहुत कम फीस में कर सकेंगे। सरकारी कॉलेजों में इस कोर्स की फीस मात्र 10 हजार रुपये से भी कम हो सकती है।
प्रदेश में इस योजना की शुरुआत पीएम कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस से की जाएगी। इसमें प्रारंभिक रूप से बीएड, बीएससी-बीएड और बीए-बीएड कोर्स की 60-60 सीटों का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा, बार काउंसिल ऑफ इंडिया (बीसीआई) द्वारा संचालित कोर्स शुरू करने की भी योजना बनाई जा रही है। इतना ही नहीं, प्रदेश के कॉलेजों में कुछ एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) कोर्स भी दिल्ली के सहयोग से शुरू किए जाएंगे, जो छात्रों के लिए एक और सुनहरा अवसर साबित हो सकता है। भोपाल में पीएम एक्सीलेंस हमीदिया कॉलेज में इस कोर्स के लिए प्रवेश प्रक्रिया शुरू होगी।
अब तक निजी कॉलेजों में बीएड करने के लिए छात्रों को हर साल लगभग 55 से 60 हजार रुपये खर्च करने पड़ते थे, लेकिन सरकारी कॉलेजों में यह कोर्स नाममात्र की फीस पर उपलब्ध होगा। उल्लेखनीय है कि एनसीटीई के कोर्स में प्रवेश प्रक्रिया ऑनलाइन काउंसलिंग के माध्यम से पूरी की जाएगी।
वर्तमान में प्रदेश में लगभग 663 निजी कॉलेजों को एनसीटीई कोर्स के लिए मान्यता प्राप्त है। लेकिन अब सरकारी कॉलेजों में भी छात्रों को यह कोर्स कम फीस में उपलब्ध होगा। इस योजना के तहत प्रारंभिक चरण में बीएड, बीएससी-बीएड और बीए-बीएड पाठ्यक्रमों में प्रवेश दिया जाएगा।
बीएड कोर्स की लोकप्रियता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि हर साल लगभग 50 से 55 हजार विद्यार्थी इसमें प्रवेश लेते हैं। अब सरकारी कॉलेजों में इस कोर्स की शुरुआत होने से बड़ी संख्या में छात्रों को लाभ मिलेगा।
प्रदेश सरकार उच्च शिक्षा के क्षेत्र में एक और बड़ा बदलाव करने जा रही है। कुछ एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) कोर्स भी दिल्ली के सहयोग से प्रदेश के सरकारी कॉलेजों में शुरू किए जाएंगे। इससे छात्रों को नई तकनीकों से जुड़े कोर्स करने का अवसर मिलेगा, जो उनके करियर को और अधिक उन्नत बना सकता है।
बरकतुल्लाह विश्वविद्यालय (बीयू) की टीम ने प्रदेश के बीएड कॉलेजों का निरीक्षण किया था। इस निरीक्षण में 71 कॉलेजों को मापदंडों के अनुसार उपयुक्त सुविधाएं नहीं मिलने के कारण सूचीबद्ध किया गया है। शासन को इन कॉलेजों की सूची सौंप दी गई है ताकि उनकी गुणवत्ता में सुधार किया जा सके। यह उम्मीद जताई जा रही है कि अब सरकारी कॉलेजों में बीएड जैसे कोर्स की गुणवत्ता और अधिक बेहतर होगी।
सरकारी कॉलेजों में इस साल से एनसीटीई और बीसीआई के कोर्स शुरू किए जाएंगे। साथ ही, एआई कोर्स भी दिल्ली के सहयोग से संचालित किए जा रहे हैं। बीएड कोर्स के लिए 60-60 सीटें निर्धारित की गई हैं, जिससे छात्रों को अधिक अवसर मिलेंगे।
डॉ. पुष्पलता चौकसे, प्राचार्य, पीएम एक्सीलेंस हमीदिया कॉलेज, भोपाल ने कहा, 'इस साल से कॉलेज में एनसीटीई और बीसीआई के कोर्स शुरू किए जाएंगे। कुछ एआई कोर्स भी दिल्ली के सहयोग से संचालित किए जा रहे हैं। बीएड कोर्स के लिए 60-60 सीटें रहेंगी, जिससे छात्रों को कम फीस में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सकेगी।'
इन सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए, यह बदलाव प्रदेश के छात्रों के लिए एक बड़ी राहत साबित हो सकता है। खासतौर पर उन छात्रों के लिए जो कम खर्च में उच्च शिक्षा प्राप्त करना चाहते हैं। इसके अलावा, एआई और बीसीआई कोर्स के जुड़ने से छात्रों को आधुनिक और तकनीकी रूप से उन्नत शिक्षा मिलेगी।
Published on:
21 Mar 2025 09:06 am
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