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पहली बार बिना चीर-फाड़ के ठीक हो सकेगी खराब ‘आहार नली’

पोयम तकनीक से ठीक होगी खराब आहार नली...

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food pipe

भोपाल। खाने-पीने की खराब आदतों और बिगड़ी लाइफ स्टाइल का असर आहार नली (फूड पाइप) पर होता है। यह कठोर हो जाती है और कई बार इसमें ट्यूमर भी बन जाता है। लेकिन अब आहर नली को ठीक करने के लिए सर्जरी की जरूरत नहीं होगी। अत्याधुनिक पोयम पर (ओरल एंडोस्कोपी मायटोमी) तकनीक से बिना किसी चीर-फाड़ के भोजन नली को ठीक किया जा सकेगा।

गेस्ट्रो केयर अस्पताल द्वारा गुरुवार से दो दिवसीय एडवांस एंडोस्कोपी और गेस्ट्रोलॉजी तकनीक पर नेशनल वर्कशॉप का आयोजन किया जाएगा। कॉन्फेस के पहले दिन इस तकनीक का लाइव ऑपरेशन किया जाएगा। अस्पताल डायरेक्टर डॉ. संजय कुमार ने बताया कि दो दिन की वर्कशॉप में देशभर के ख्यात चिकित्सक शामिल होंगे। इस दौरान पोयम ईआरसीपी, ईएसजी जैसी अत्याधुनिक तकनीक का लाइव प्रसारण किया जाएगा।

यह है पोयम प्रक्रिया

डॉ. कुमार ने बताया कि फूड पाइप कठोर होने पर मरीज को खाना निगलने में तकलीफ होती है। इसके लिए अब तक बैलून से फूड पाइप को ठीक किया जाता था, लेकिन इस प्रक्रिया में फूड पाइप के फटने के 40 प्रतिशत तक खतरा होता था। अब पोयम से बिना चीर-फाड़ के मरीज के फूड पाइप का रास्ता खोल दिया जाता है। इस प्रक्रिया में 1 से 2 घंटे लगते हैं और 2 दिन बाद मरीज की छुट्टी कर दी जाती है।

चार महीने से ***** प्रोलेप्स की समस्या से जूझ रहा था मरीज, बिना चीर-फाड़ हुआ ऑपरेशन

मध्य भारत में पहली बार बिना चीर-फाड़ किए यूनिलेटरल बायोपोर्टल इंडोस्कोपी तकनीक द्वारा स्पाइन का ऑपरेशन किया गया। सोमवार को हुए ऑपरेशन के बाद मरीज पूरी तरह स्वस्थ है। उसे एक दिन बाद डिस्चार्ज कर दिया गया। गांधी मेडिकल कॉलेज के अस्थि रोग विभाग के प्राध्यापक, डॉ. आशीष गोहिया ने बताया कि 50 साल के अशोक शर्मा चार माह से ***** प्रोलेप्स की समस्या से जूझ रहे थे। उनका चलना फिरना दूभर हो गया था। तमाम अस्पतालों में दिखाने और दवाओं से आराम मिला तब यह सर्जरी की गई।

नई तकनीक का इस्तेमाल

एंडोस्कोपिक स्पाइन सर्जरी के विशेष प्रशिक्षण प्राप्त डॉ. वैभव जैन ने बताया कि मरीज का ऑपरेशन यूनी लेटरल बायोपोर्टल एंडोस्कोपिक तकनीक द्वारा किया गया। यह एक मिनिमल इनवेसिव तकनीक है, जिसमें पेन के आकार जितने उपकरण एवं दूरबीन द्वारा स्पाइन सर्जरी की जाती है, जो ओपन सर्जरी से अधिक सुरक्षित है।