
सभी बैंकिंग प्लेटफार्म नियमों के दायरे में आएंगे
भोपाल. साइबर फ्रॉड के बढ़ते मामलों को देखते हुए अब सुरक्षा पर जोर दिया जा रहा है। इसके लिए बैंकों के साथ ही गूगल, एप्पल, पेटीएम पर भी शिकंजा कसा गया है। साइबर सुरक्षा में तकनीकी संस्थागत और नीतिगत खामियों को दुरुस्त करने के लिए बनाई गई संस्था भारतीय कंप्यूटर आपात प्रतिक्रिया दल यानी सर्टइन ने ऐसी सभी संस्थाओं के लिए सूचना सुरक्षा कार्यप्रणाली पर सख्त दिशानिर्देश जारी किए हैं।
अब सरकारी गैर सरकारी वित्तीय संस्थाओं के अलावा गूगल पेटीएम फोन जैसे फाइनेंशियल ट्रांजैक्शन करने वाले प्लेटफार्म को अपने ग्राहकों के बैंक खातों एवं अन्य अकाउंट में साइबर फ्रॉड का अंदेशा होने पर भी 6 घंटे के अंदर केंद्र को सूचित करना होगा। ऐसा इसलिए ताकि अंदेशे पर कार्रवाई करते हुए ही लोगों को साइबर फ्रॉड से बचाया जा सके।
पूरे साइबर बुनियादी ढांचे की आंतरिक और बाहरी स्तर पर ऑडिट कराने की जरूरत -नए नियमों के बाद सरकारी कार्यालयों को अपने पूरे साइबर बुनियादी ढांचे की आंतरिक और बाहरी स्तर पर ऑडिट कराने की जरूरत होगी। इसके नतीजे के आधार पर ही सुरक्षा नियंत्रण के इंतजाम भी करने होंगे। इसकी जानकारी केंद्रीय एजेंसियों को देनी होगी।
कम से कम 6 महीने में आंतरिक सूचना सुरक्षा ऑडिट कराना होगा। तीसरे पक्ष से सुरक्षा ऑडिट कम से कम साल में एक बार कराना जरूरी होगा।
कोरोना संक्रमण के बाद बड़े पैमाने पर लोगों का निजी डेटा लीक हुआ-भारत में कोरोना संक्रमण के बाद बड़े पैमाने पर लोगों का निजी डेटा लीक हुआ है। इसके अलावा पिछले साल रेलवे एवं कई अन्य संस्थान के डाटा में भी सेंध लगाई गई है। मध्यप्रदेश सहित अन्य राज्यों से अलग अलग तरह के लगभग 12 लाख 67 हजार 564 साइबर हमले के मामले सामने आए हैं।
Published on:
02 Jul 2023 09:19 am
