
Oral Cancer प्रतिकात्मक फोटो (Photo Source- freepik)
cancer:मध्यप्रदेश के भोपाल शहर में ओरल हेल्थ से जुड़ी समस्याएं गंभीर रूप ले रही है। दांतों की सड़न, मसूड़ों के रोग और अब मुंह के प्री-कैंसर मामलों में भी चिंताजनक बढ़ोतरी हो रही है। विशेषज्ञों के अनुसार लोग शुरुआती लक्षणों को नजरअंदाज कर रहे हैं, जिससे ओरल कैंसर का खतरा तेजी से बढ़ रहा है। एम्स के सर्वे के अनुसार भोपाल सहित प्रदेश में 40 से 70 प्रतिशत लोगों में दांतों की सडऩ (कैविटी) पाई गई है। 50 से 80 प्रतिशत लोग मसूड़ों के रोग हैं।
डॉक्टरों के अनुसार शहर में 15 प्रतिशत तक लोगों में प्री-कैंसर लक्षण मिल रहे हैं। मुंह में सफेद या लाल धब्बे, बार-बार छाले या न भरने वाले घाव इसके संकेत हो सकते हैं। समय पर जांच न होने पर ये सीधे ओरल कैंसर में बदल सकते हैं। डेंटल कैंप और स्कूलों में जांच में बच्चों में 80 से 90 प्रतिशत तक कैविटी पाई जा रही है। कम उम्र में ही दांत खराब होना आगे चलकर गंभीर समस्या बन सकता है।
प्रत्येक 100 प्री-कैंसर में से 10 से 11 मामले कैंसर में बदल जाता है। लोग कहते हैं कि सादा सुपाड़ी नुकसान नहीं करता, लेकिन उसमें भी अलकोलाइट होते हैं, जिससे कैंसर होता है। मुंह में छाले पडऩे और अकल के दांत से बार-बार गाल के कटने को हल्के में नहीं लेना चाहिए। इससे भी कैंसर होने का खतरा होता है। शीघ्र डॉक्टर दिखाना चाहिए। प्रो. डॉ अंसुल राय, दंत रोग विभाग, एम्स भोपाल
Updated on:
22 Mar 2026 12:14 pm
Published on:
22 Mar 2026 12:13 pm
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