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शादी से पहले हर लड़के-लड़की को जरूर करना चाहिए ये 1 काम, कभी नहीं होगी अनबन

विवाह के बाद पति पत्नी आपस में एक-दूसरे को समझने के बजाय झगड़ने लगते हैं नतीजन बात अलगाव तक पहुंच जाती है...इसलिए जरूर करें ये काम....

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भोपाल। हमारे समाज में शादी केवल दो लोगों का मिलन नहीं, दो परिवारों का मिलन माना जाता है। आज के दौर में शादी को लेकर कुछ चीजें बदली हैं। आज के समय में शादी करने से पहले सिर्फ कुंडली मिलाने पर ध्यान नहीं दिया जाता है, बल्कि जिनकी शादी होने वाली है, उनका रिश्ता भविष्य में एक-दूसरे के साथ कैसा रहेगा, क्या दोनों एक-दूसरे के साथ खुशहाल जीवन व्यतीत कर पाएंगे जैसी कुछ महत्वपूर्ण बातों पर भी गौर किया जाता है।

दो लोगों का शादी के बंधन में बंधना कोई छोटी-मोटी बात नहीं। यह बहुत ही नाजुक रिश्ता होता है। इसे दोनों को जिम्मेदारी के साथ सहेज के रखना होता है। अगर ऐसा न किया जाए तो टूटने में भी देर नहीं लगती। शादी से पहले अक्सर मन में कई तरह के सवाल उठते हैं। जब भी आपकी शादी हो, मन में आने वाले इन सवालों का जवाब पहले ही ढूंढ लेना जरूरी है, तभी आपका रिश्ता आगे भी बना रहेगा।

होता है शंकाओं का समधान

अगर आप आने वाले दिनों में शादी करने जा रहे हैं तो आपके मन में जरूर रिश्ते निभाने संबंधी अनेक सवाल होंगे। इन सवालों का सही जवाब न दोस्तों के पास होता है न परिवार वालों के पास। ऐसे में एक ही ऐसा शख्स होता है जो उनकी शंकाओं का समधान कर सकता है, वो है मैरिज काउंसलर। आपको बता दें कि मैरिज काउंसलिंग का फायदा यह भी होता है कि दोनों पार्टनर जो एक दूसरे से इन विषयों पर बात करने से झिझकते हैं वे एक दूसरे से खुल जाते हैं और दोनों के बीच बेहतर संवाद स्थापित होता है।

मैरिज काउंसलर शादी से संबंधित तमाम तरह की जानकारियां और सुझाव देते हैं, जिससे शादी में आने वाली कई तरह की मुश्किलों व परेशानियों को दूर किया जा सकता है। इससे आपकी शादी-शुदा जिंदगी सकारात्मक ढंग से आगे बढ़ सकती है। शादी के बाद पछताने से बेहतर होगा प्री-मैरिटल काउंसिलिंग कराना।

रिश्ते को करता है मजबूत

मैरिज काउंसलर कई सेशन में इसके समझाते हैं। इसके सेशन के दौरान कपल को फेस-टू-फेस सामने लाया जाता है, उन्हें शादी से संबंधित ग्राउंड रियलिटी और जिम्मेदारियों के बारे में बताया जाता है। इस दौरान आपकी पसंद-नापसंद, हॉबी, इनटरेस्ट पर कई तरह के सवाल किए जाते हैं।

धार्मिक झुकाव, शौक, रिश्तेदारों के प्रति व्यवहार, फाइनेंस मैनेजमेंट, जीवन से जुड़ी आपकी प्राथमिकताओं को जानने की भी कोशिश की जाती है। साथ ही पेरेंटिंग जिम्मेदारियों और बच्चों के प्रति व्यवहार पर भी चर्चा शामिल होती है। कुल मिलाकर कपल के लिए शादी से पहले काउंसलिंग कराना भविष्य में उनके रिश्ते को मजबूत करता है।