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पुरानी से पुरानी कब्ज को दूर कर देगा ये दाना, पेट के लिए है वरदान, बस दूध के साथ पी लें

बदलती लाइफ स्टाइल में खराब खानपान और लाइफस्टाइल के कारण कई बीमारियां बैठे-बिठाए ही शरीर को लग जाती हैं। इन्ही में से एक है कब्ज की समस्या। कब्ज पेट से जुड़ी एक ऐसी समस्या है, जो लोगों को दिनभर परेशान करती है। अगर ज्यादा दिनों तक कब्ज बना रहे तो गंभीर बीमारियों का सामना करना पड़ सकता है। लेकिन, क्या आप जानते हैं कब्ज जैसी समस्या का निजात आपके किचन में ही मौजूद हैं।

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Poppy Seeds

जो लोग कब्ज से लंबे समय से परेशान हैं उन्हें खसखस का सेवन करना चाहिए क्योंकि खसखस में फाइबर 20-30 फीसद तक मौजूद होता है। फाइबर की वजह से आपका आहार पेट की आंतों में चिपकता नहीं है। साथ ही, पेट का मल बाहर आने में भी समस्या नहीं होती है। फाइबर आंतों की मांसपेशियों को एक्टिव करता है, जिससे पेट संबंधी समस्याओं से छुटकारा मिलता है।

MP में होती है खसखस की खेती

खस या खसखस (Khus Khus) एक सुगंधित पौधा है। इसका वानस्पतिक नाम वेटिवीरिआ जिजेनिऑयडीज (Vetiveria) है जिसकी व्युत्पत्ति तमिल के शब्द वेटिवर से हुई प्रतीत होती है। यह सुगंधित, पतले एकवर्ध्यक्ष (Racemes) का लंबे पुष्पगुच्छवाला वर्षानुवर्षी पौधा है। देश में सबसे अच्‍छी खसखस मध्‍यप्रदेश के मंदसौर और नीमच में पैदा होती है। सबसे ज्‍यादा तुर्की सप्‍लाई होती है। आने वाले समय में प्रदेश में 4527 हेक्टेयर में बोई अफीम से 45 लाख 27 हजार किलो खसखस उत्पादन की संभावना है। ऐसे में 800 रुपए प्रतिकिलो मिलने वाली खसखस आपके हाथों में 500 रुपए किलो में पहुंचेगी। पैदावार बढ़ने से किसानों को भी खसखस का दाम दो अरब रुपए से ज्यादा मिलेगा।

जो लोग कब्ज से लंबे समय से परेशान हैं उन्हें खसखस का सेवन करना चाहिए क्योंकि खसखस में फाइबर 20-30 फीसद तक मौजूद होता है। फाइबर की वजह से आपका आहार पेट की आंतों में चिपकता नहीं है। साथ ही, पेट का मल बाहर आने में भी समस्या नहीं होती है। फाइबर आंतों की मांसपेशियों को एक्टिव करता है, जिससे पेट संबंधी समस्याओं से छुटकारा मिलता है।

खसखस में पोषक तत्व भरपूर मात्रा में मौजूद होते है। इसे प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट, मैग्नीज, कॉपर, कैल्शियम, मैग्नीशियम, जिंक, फास्फोरस और आयरन का अच्छा स्रोत माना जाता है। सेहत बनाए रखने के साथ-साथ इम्यूनिटी बूस्टर फूड का भी काम करता है। त्वचा से जुड़ी समस्याओं के लिए खसखस का तेल बेहद कारगर है।

खसखस में मौजूद पोषक ततव मेटाबॉलिज्म को तेज करते हैं। जिससे पाचन क्रिया बेहतर होती है। खसखस में मौजूद मैग्नीशियम, फास्फोरस और कैल्शियम आपकी गट हेल्थ को बेहतर करने में सहायक होते हैं। इसमें लिनोलिक एसिड पाया जाता है, जो आपके पेट की सूजन को कम करने में मदद करता है। इसके साथ ही, खसखस कब्ज से जुड़ी अन्य पेरशानियों को दूर करने में भी मददगार साबित होता है।

कब्ज को दूर करने के लिए आप अपनी डाइट में फलों को शामिल कर सकते हैं। फ्रूट्स के साथ भी आप खसखस के बीजों का सेवन कर सकते हैं। इसके अलावा, आप सलाद के साथ भी खसखस के बीजों का सेवन कर सकते हैं।

सब्जी बनाने के बाद उसमें ऊपर से खसखस के बीज डाल सकते हैं। इससे आपकी सब्जी की पौष्टिकता बढ़ जाती है। साथ ही, आपको पेट संबंधी परेशानियों से मुक्ति मिलती है।

खसखस की चाय को रोजाना डाइट का हिस्सा बना सकते हैं। खसखस की चाय बनाने के लिए एक कप उबलते पानी में एक बड़ा चम्मच खसखस डालें और इसे 10 मिनट के लिए भिगो दें। इसके बाद इस पानी को छानकर पिएं।