
बैरसिया विधानसभा सीट राजधानी भोपाल की अहम सीट
भोपाल की बैरसिया विधानसभा में शुरुआत में पिछड़ने के बाद विष्णु खत्री आगे हो गए हैं। उन्होंने कांग्रेसी प्रत्याशी पर 2079 वोटों से बढ़त बना ली है।
इससे पहले सुबह सभी मतगणना केंद्रों पर एक साथ मतगणना शुरु हुई। काउंटिंग को लेकर प्रशासन स्तर पर बेहद सख्ती है। गणना के दौरान सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। केंद्र और राज्य का सुरक्षा बल तो तैनात है ही, प्रत्येक मतगणना कक्ष में 4-4 सीसीटीवी कैमरों से भी निगरानी रखी जा रही है। मतगणना कक्ष के बाहर से लेकर स्ट्रांग रूम से मतगणना कक्ष तक ईवीएम मशीन को लाने तक की निगरानी के लिए भी कैमरे लगाए गए हैं।
भोपाल में 17 नवंबर को एमपी चुनाव में मतदान हुआ। विधानसभा सीट क्रमांक 149 बैरसिया में देर शाम तक मतदान के लिए केंद्रों पर लंबी लाइन लगी रही। यहां कुल 78.72 प्रतिशत मतदान हुआ।
बैरसिया विधानसभा पर लंबे समय से भाजपा का कब्जा है। इस सीट पर भाजपा प्रत्याशी के रूप में विष्णु खत्री सामने हैं, कांग्रेस प्रत्याशी जयश्री हरिकरण के पास भविष्य के मुददे हैं। इस सीट पर कांग्रेस 1957 और 1998 में ही आई है।
प्रमुख मुद्दे
सडक़ें, खेतों में सिंचाई और फसल बीमा मिलने में परेशानी, राजस्व के काम अटकते हैं।
पंचायतों में सडक़ें नहीं, आज भी कई पंचायतों में स्कूल नहीं हैं, बच्चों को दूर जाना होता है।
बेरोजगारी के हालात, लोग पलायन कर रहे हैं, मनरेगा के तहत मजदूरी के दावे होते हैं।
पटवारी भर्ती घोटाला किया। व्यापमं घोटाला किया।
कमीशन लेकर निर्माण कार्य करवाए। झूठी घोषणा कर ध्यान भटकने का प्रयास किया।
मेडिकल सेवाएं उपलब्ध नहीं है।
बैरसिया विधानसभा सीट राजधानी भोपाल की अहम सीट मानी जाती है। अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित इस सीट पर बीजेपी ने एक बार फिर मौजूदा विधायक विष्णु खत्री को मैदान में उतारा है। वहीं कांग्रेस ने भी पिछली प्रत्याशी जय श्री हरिकरण पर ही भरोसा जताया है। यहां पिछले चुनाव में बसपा तीसरे नंबर पर रही थी। बीजेपी का गढ़ मानी जाती बैरसिया विधानसभा में कांग्रेस को सिर्फ 2 बार जीत मिली है।
2018 के विधानसभा चुनाव में बैरसिया में कुल 48 प्रतिशत वोट पड़े थे। भारतीय जनता पार्टी के विष्णु खत्री ने कांग्रेस की जयश्री हरिकरण को 13 हजार वोटों से हराया था। यहां पिछले तीन चुनावों से बीजेपी का कब्जा बरकरार है। इस सीट पर कांग्रेस को आखिरी बार सन 1998 के चुनाव में जीत मिली थी। इससे पहले बैरसिया में कांग्रेस 1957 में जीती थी।
जातिगत समीकरण
बैरसिया विधानसभा सीट पर कुल 2 लाख 14 हजार 135 मतदाता हैं।
यहां अनुसूचित जाति के वोटर्स की संख्या ज्यादा है। अनुसूचित जाति और जनजाति के 50 हजार से ज्यादा वोटर्स हैं। 35 हजार से ज्यादा गुर्जर और 25 हजार मीणा समाज के वोटर्स हैं। 15 हजार राजपूत 10 हजार कुशवाह और 7 हजार ब्राह्मण वोटर हैं।
इलाके की समस्याएं और प्रमुख मुद्दे
सीट पर ज्यादातर किसानों हैं, उनसे संबंधित समस्या हैं। बेरोजगारी और स्वास्थ्य सेवाओं की कमी है। यहां सबसे बड़ा मुद्दा युवा बेरोजगारी का है। लो-फ्लोर बसें भी बैरसिया तक नहीं आ पाई हैं।
सडक़ें बदहाल हैं।
बैरसिया तक लो-फ्लोर बस न चल पाना।
सीट का इतिहास
बैरसिया सीट पर अब तक 14 बार चुनाव हो चुके हैं जिनमें सिर्फ 2 बार कांग्रेस जीत सकी है। यहां पर अभी बीजेपी का कब्जा है। साल 1957 में हुए चुनाव में कांग्रेस के भगवान सिंह विजयी हुए लेकिन 1962 के चुनाव में अखिल भारतीय हिंदू महासभा के भैयालाल विधायक बने। इसके बाद 1967 में जनसंघ के लक्ष्मीनारायण शर्मा विधायक बने। 1972 में गौरीशंकर कौशल जीते। 1977 में भी गौरी शंकर कौशल को दोबारा जीते। 1980 में बीजेपी के लक्ष्मीनारायण शर्मा जीते और इसके बाद 1993 तक लगातार चार बार विधायक बने। 1998 में कांग्रेस के जोधाराम गुर्जर जीते। 2003 में ठाकुर प्रत्याशी भक्तपाल सिंह जीते। 2008 में यह सीट रिजर्व हो गई। बीजेपी के ब्रह्मानंद रत्नाकर यहां से विधायक बने। 2013 में बीजेपी के विष्णु खत्री विधानसभा पहुंचे। 2018 में भी विष्णु खत्री ने कांग्रेस की जयश्री किरण को हराया।
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Updated on:
03 Dec 2023 12:07 pm
Published on:
31 Oct 2023 04:11 pm
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