
outsourced employees प्रतिकात्मक फोटो (Photo Source - Patrika)
MP News: मध्य प्रदेश के शासकीय अस्पतालों में कार्यरत आउटसोर्स स्वास्थ्य कर्मचारियों ने मांगे नहीं माने जाने पर आगामी 23 और 24 फरवरी को सामूहिक अवकाश पर जाने की चेतावनी दी है। इसके साथ ही कर्मचारियों ने चरणबद्ध आंदोलन तेज करने का ऐलान भी किया है। इसी क्रम में मध्य प्रदेश संविदा आउटसोर्स स्वास्थ्य कर्मचारी संघ ने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मनीष शर्मा को प्रमुख सचिव, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के नाम ज्ञापन सौंपा।
मध्य प्रदेश संविदा आउटसोर्स स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के आह्वान पर 16, 17 और 18 फरवरी को कर्मचारी कार्यस्थल पर काली पट्टी बांधकर विरोध करेंगे। इसके बाद 23 और 24 फरवरी को प्रदेशभर के आउटसोर्स कर्मचारी सामूहिक अवकाश पर रहेंगे और राजधानी भोपाल में हल्ला बोल प्रदर्शन करेंगे।
संघ की प्रमुख मांगों में न्यूनतम 21 हजार वेतन, नियमितीकरण या संविदा में मर्ज करना, एरियर भुगतान, स्वास्थ्य बीमा, ग्रेच्युटी और शासकीय छुट्टियों की सुविधा शामिल हैं। कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि मांगें अनसुनी रहीं तो आंदोलन और तेज होगा।
जानकारी के लिए बता दें कि मध्यप्रदेश के किसी भी विभाग में अब चतुर्थ श्रेणी के पदों पर कर्मचारियों की नियुक्ति नहीं होगी। सरकार ने इन पदों पर आउटसोर्स के माध्यम से नियुक्ति करने संबंधी आदेश को निरस्त कर दिया है। इसके पहले ही सरकार चतुर्थ श्रेणी के पदों पर भर्ती की प्रक्रिया बंद कर चुकी है।
वित्त विभाग द्वारा 31 मार्च 2023 को विभागों में चतुर्थ श्रेणी पदों पर आउटसोर्स के माध्यम से कर्मचारी रखने को लेकर निर्देश जारी किए थे। इसमें रिक्त पदों पर तात्कालिक आवश्यकता के आधार पर पद पूर्ति जरूरी होने पर आउटसोर्स कर्मियों की सेवाएं लेने की छूट थी, लेकिन बजट के अभाव में नियुक्तियां नहीं की जा सकती थीं।
दो साल पहले 2023 में वित्त विभाग ने नियमित भर्तियां पूरी होने तक आउटसोर्स सेवाएं लेने के निर्देश जारी किए थे। इसमें बजटीय प्रावधान के अनुसार विभाग प्रमुख आउटसोर्स एजेंसी चयनित कर सेवाएं ले सकते थे। अब इसे पूरी तरह बंद कर दिया गया है।
Updated on:
10 Feb 2026 12:19 pm
Published on:
10 Feb 2026 12:18 pm
