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सांची में फिर पकड़ा एक टैंकर, दो हजार लीटर दूध का घपला आया सामने

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Arvind Khare

Mar 29, 2016

sanchi

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भोपाल. रविवार-सोमवार रात फिर एक टैंकर दूध में पानी मिलाकर लाते पकड़ा गया। यह टैंकर सोहागपुर की ओर से दुग्धसंघ पहुंचा था। यहां कार्यरत कर्मचारियों ने जब इसकी जांच की, तो इसमें पानी मिलने की आशंका बनी। दूध का फैट जांचा गया, जो कम निकला। करीब दो हजार लीटर दूध की गड़बड़ी सामने आई है। टैंकर को कर्मचारियों ने एक तरफ खड़ा कर पंचनामा बनाया। हालांक उच्चाधिकारी इस मामले को दबाने की कोशिश में है। टैंकर का पूरा जिम्मा प्लांट जीएम प्लांट जेआर सिंह के साथ एजीएम प्लांट ऑपरेशन अनिल काशिव पर है। अनिल काशिव इस पर बात करने को ही तैयार नहीं है। दो हजार लीटर दूध की गड़बड़ी पकड़े जाने के बावजूद वे इसे सामान्य मामला बता रहे हैं हालांकि जानकारी सीइओ केके सक्सेना तक पहुंच चुकी है और वे मामले को अपने स्तर पर दिखवा रहे हैं।


दूध में पानी मामले पर आज होंगे बयान


1200 लीटर अतिरिक्त चैम्बर वाले बैरल की जांच मामले मंे गठित हाईपावर जांच कमेटी 29 मार्च यानी मंगलवार को बयान लेने की प्रक्रिया शुरू करेगी। पांच पंचनामों में शामिल लोगों के अलग-अलग बयान लिए जाएंगे, ताकि पता चल सके कि कौन सा पंचनामा असली और कौन-सा नकली है। करीब 25 लोगों के बयान होंगे।


दुग्धसंघ ने बनाई कमेटी, अब हर टैंकर की होगी जांच


भोपाल दुग्धसंघ ने टैंकरों में गड़बड़ी रोकने अपने सभी टैंकरों की एक बार फिर से जांच कराने की तैयारी में है। इसके लिए सीईओ ने पांच सदस्यीय कमेटी बनाई है। कमेटी दो सप्ताह में सभी टैंकरों की जांच कर सीईओ को रिपोर्ट सौंपेंगी। जांच टीम का प्रभारी सहायक महाप्रबंधक समन्वय एके निगम को बनाया है। इनके साथ पांच अधिकारियों को जोड़ा गया है। ये पंद्रह दिन में दुग्धसंघ के लिए 2300 से अधिक समितियों से दूध एकत्रित कर लाने वाले 70 से अधिक टैंकरों की जांच करेंगे। शक होने पर टैंकर को काटकर भी देखा जा सकेगा। हर टैंकर की पूरी रिपोर्ट सीईओ को दी जाएगी, ताकि सुनिश्चित किया जा सके कि इसमें किसी तरह का पानी मिलाने के लिए कोई गुंजाइश न हो।


कमेटी गठित की है


हमने टैंकरों की पूरी जांच कराने के लिए एक विशेष कमेटी गठित कर दी है। यह सभी टैंकरों को जांचेगी और फिर हमें रिपोर्ट देगी। टैंकरों पर शिकायती नंबर लिखाने से लेकर सभी काम कमेटी का जिम्मा है।

- केके सक्सेना, सीईओ भोपाल दुग्धसंघ



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