26 जनवरी 2026,

सोमवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

कलेक्‍टर अविनाश लवानिया हुए ‘कोरोना पॉजिटिव’, एक साथ 37 लोग हुए संक्रमित

-संपर्क में आए थे 20 से ज्यादा अधिकारी -अधिकारियों-कर्मचारियों को जांच कराने की सलाह........

2 min read
Google source verification
98_1641598902.jpg

Corona positive

भोपाल। राजधानी में कोरोना संक्रमितों के मिलने का सिलसिला बना हुआ है। बीते दिन शहर में 37 नए मरीज मिले। इनमें कलेक्टर अविनाश लवानिया भी शामिल हैं। अभी वे होम क्वारंटीन हैं। बताया जा रहा है कि चुनावों के चलते लगातार लोगों के संपर्क में रहने से वे संक्रमित हुए हैं। कलेक्टोरेट में अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों को भी कोरोना जांच कराने की सलाह दी गई है। इधर, बुधवार को कोरोना से पीड़ित एक मरीज की मौत हो गई। मरीज निजी अस्पताल में भर्ती था।

बीते सात दिनों में 250 से ज्यादा मरीज मिले

कोरोना की रफ्तार का अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि बीते सात दिन में शहर में कोरोना के 250 से ज्यादा मरीज सामने आ चुके हैं। हर दिन 30 संक्रमित मिल रहे हैं। जानकारों का कहना है कि इन हालातों में अगर सावधानी नहीं बरती गई तो हालात फिर बिगड़ सकते हैं।

प्रदेश में मिलने वाले नए मरीजों का आंकड़ा भी 200 से पार होते हुए 216 पर पहुंच गया, जबकि 178 मरीज ठीक हुए हैं। ऐसे में प्रदेश में एक्टिव मरीजों की संख्या 1283 हो गई है। जबलपुर में 23, खंडवा में 12 और ग्वालियर, सीहोर में 8-8 नए मरीज मिले हैं। नए मरीजों की संख्या में इजाफा होने के पीछे की वजह संदिग्ध मरीजों के जांचे गए सैंपल की संख्या में बढ़ोतरी होना है। बुधवार को 7592 मरीजों के सैंपल की जांच की गई थी।

फ्री में लगेगा कोरोना का बूस्टर डोज

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान आज कोविड वैक्सीन अमृत महोत्सव में प्रिकॉशन (बूस्टर) डोज अभियान की शुरुआत की। इस बारे में बात करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि बूस्टर डोज लगाए जाने के लिए योजनाबद्ध तरीके से तैयारी की गई है। जिन व्यक्तियों को दोनों डोज लगे हुए है और जिन्हे वैक्सीन लगवाए हुए 6 माह हो चुके हैं उन्हें बूस्टर डोज लगवाने की पात्रता है। वही मुख्यमंत्री ने कोरोना से बचाव के लिए बूस्टर डोज लगवाने के लिए लोगो से अपील की है।

जानिए क्या है कोरोना वैक्सीन का बूस्टर डोज…

वायरस से बचाव के लिए कुछ वैक्सीन जिंदगी भर सुरक्षा देती है लेकिन कुछ बीमारियां ऐसी भी हैं जिनकी वैक्सीन ताउम्र सुरक्षा नहीं देती इसकी वजह ये है कि वैक्सीन से पैदा हुई ऐंटीबॉडी कमजोर पड़ने लगती है और उसे फिर मजबूती देने के लिए बूस्टर डोज दिया जाता है. कोरोना वायरस के मामले में ऐसा ही है इसलिए तीसरा डोज लेना अनिवार्य है।