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भोपाल। कोचिंग क्लास से लौट रही 19 साल की छात्रा के साथ गैंगरेप की घटना ने सभी को दहला दिया है। एक तरफ मप्र सरकार के कड़े रुख के कारण कई पुलिस अफसरों पर गाज गिरी है, वहीं अब शिक्षा मंत्री का बड़ा बयान आने से कोचिंग संचालकों की नींद उड़ गई है। मंत्री के मुताबिक अब रात 8 बजे के बाद कोई भी कोचिंग क्लासेस नहीं लगाए जाएगी। इसके लिए नियम बनाए जाएंगे। यदि आठ बजे बाद कोचिंग क्लास छूटती है तो छात्राओं के ट्रैकिंग सिस्टम की जवाबदारी कोचिंग संचालकों की होगी।
तकनीकी शिक्षा एवं कौशल विकास (स्वतंत्र प्रभार), श्रम, स्कूल शिक्षा दीपक जोशी सोमवार को अपने निवास पर पत्रकारों से बात कर रहे थे।
ये एप रखेगा छात्राओं पर कड़ी नजर
जोशी ने कहा कि अब हॉस्टल में रहने वाले छात्राओं पर कडी नजर रखी जाएगी। इसके लिए एप्स के जरिए हर छात्र की हर मोमेंट हॉस्टल प्रबंधन की नजर रखेगा। जोशी ने कहा कि समय पर कोचिंग नहीं लगाने वाले कोचिंग क्लास संचालकों पर कार्रवाई की जाएगी।
जोशी ने कहा कि छात्रों को उनकी सुरक्षा करने के लिए स्कूलों में ट्रेनिंग दी जाएगी। इसके अलावा सरकार कोचिंग और निजी हॉस्टलों को नियंत्रण में लाने के लिए कवायद कर रही है। उन्होंने कहा कि रात 8 बजे के बाद कोचिंग क्लास नहीं लगे, इसके लिए सरकार नियम बनाएगी। इसके अलावा रात में घर तक आने की सुरक्षा की जिम्मेदारी कोचिंग संचालकों की तय होगी। मोबाइल ऐप के जरिए छात्रों की लोकेशन ट्रेक करने का कोचिंग संचालक सिस्टम बनाए।
उन्होंने कहा कि देर रात तक कुछ कोचिंग क्लासेस लगती है, जो छात्राओं के लिए सुरक्षा के लिहाज से ठीक नहीं है। इसलिए हम ऐसा नियम बनाने जा रहे हैं जिसमें रात 8 बजे के बाद कोई कोचिंग क्लासेस नहीं लगे।
आईपीएस बनकर सिस्टम सुधारुंगी
इधर गैंग रेप पीड़िता ने कहा है कि वह समाज और सिस्टम में सुधार लाना चाहती हूं। यूपीएससी की तैयारी कर रही इस छात्रा ने कहा कि वह अब आईपीएस बनकर ऐसा सिस्टम बनाएंगी कि किसी लड़की के साथ इतना घिनौना काम न हो। मैं महिलाओं के खिलाफ हो रहे अपराधों को खत्म करने के लिए काम करूंगी। इसके लिए मुझे जो भी करना पड़े वो करूंगी।
आरोपियों को बीच चौराहे पर फांसी दो
यूपीएससी की छात्रा ने कहा कि पुलिस बहुत ही बदतमीज है। उसने पुलिस के खराब रवैये का हवाला देते हुए कहा कि एक तो मेरे साथ चार लड़कों ने गैंगरेप किया, मैंने जैसे तैसे अपने आप को संभाला, ऊपर से कोई पुलिसकर्मी कार्रवाई करने को तैयार नहीं था। मैं एक थाने से दूसरे थाने चक्कर काट रही थी। यह दौर भी किसी ज्यादती से कम नहीं था। यह बात गैंगरेप पीड़िता ने पहली बार रविवार को मीडिया के सामने कही थी। उसने निडर होकर कहा कि ऐसे दरिंदों को छोड़ना नहीं चाहिए। इन्हें बीच चौराहे पर फांसी पर लटका देना चाहिए। क्योंकि ये लोग जिंदा रहेंगे तो किसी और लड़की के साथ ज्यादती करेंगे। मैं इनके खिलाफ लड़ूंगी।
यूपीएससी की तैयारी कर रही छात्रा ने अंग्रेजी में पुलिस के रवैये को काफी कोसा उसने बताया कि गैंगरेप के बाद पुलिस का बर्ताव बेहद खराब था, वे एक थाने से दूसरे थाने अपने परिजनों के साथ भटक रही थी, हबीबगंज इंस्पेक्टर के अलावा किसी ने मदद नहीं की।
केंद्र सरकार भी गैंग रेप से चिंतित
दिल्ली समेत देश के अनेक राज्यों में हो रही गैंग रेप की घटना से केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार भी चिंतित है। सरकार के गृहमंत्री राजनाथ सिंह भी कई बार राज्यों की पुलिस को सख्त निर्देश दे चुके हैंं।
रेंद्र मोदी
Updated on:
08 Nov 2017 12:06 pm
Published on:
06 Nov 2017 04:13 pm
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