
bhopal Metro Rail Project
भोपाल। विधानसभा चुनाव से पहले केंद्रीय मंत्रिमंडल ने भोपाल-इंदौर मेट्रो परियोजना को बुधवार को मंजूरी दे दी।
इससे पहले 12 सितंबर को पब्लिक इन्वेस्टमेंट बोर्ड (पीआईबी) ने भोपाल-इंदौर मेट्रो को मंजूरी दी थी। तब मेट्रो में प्रायवेट-पब्लिक पार्टनरशिप का रास्ता खुला था। केंद्रीय कैबिनेट की मंजूरी के बाद इंफ्रास्ट्रक्चर व ट्रैक से संबंधित मैदानी काम के लिए टेंडर फायनल हो सकेंगे।
भोपाल-इंदौर
केन्द्र ने भोपाल में 22,504 करोड़ रुपए से 95.03 किमी और इंदौर में 26,762 करोड़ रुपए से 104.25 किमी के प्रोजेक्ट को मंजूरी दी है। भोपाल में पहले चरण में 6,941 करोड़ और इंदौर में 7,500 करोड़ रुपए खर्च होंगे।भोपाल मेट्रो को यूरोपियन इन्वेस्टमेंट बैंक और इंदौर को एशियन डेवलपमेंट बैंक और नेशनल डेवलपमेंट बैंक कर्ज देगी।
पहले चरण में बनेगा प्रायोरिटी कॉरिडोर
भोपाल मेट्रो के लिए पहले चरण में एम्स से लेकर करोंद तक प्रायोरिटी कॉरिडोर बनाया जााएगा। इसमें मेट्रो को इलेक्ट्रिक से चलाने के लिए वायर डक्ट बनाई जाएगी। इसके लिए 278 करोड़ का टेंडर मंजूर किया जा चुका है।
इंदौर मेट्रो के लिए पहले चरण में मुमताज बाग से लेकर एमआर 10 के फ्लाई ओवर तक प्रायोरिटी कॉरिडोर बनेगा। बुधवार को मुख्य सचिव बीपी सिंह की अध्यक्षता में 228 करोड़ के टेंडर को मंजूरी दी गई है। यहां भी डक्ट बनाई जाएगी।
खर्च का गणित
मेट्रो के लिए एशियन विकास बैंक और न्यू डेवपलमेंट बैंक से लागत का 60 फीसदी कर्ज लिया जाएगा। बीस फीसदी केंद्र से अनुदान के रूप में मिलेगा। बीस फीसदी राशि पब्लिक प्रायवेट पार्टनरशिप से जुटाई जाएगी।
केन्द्र सरकार से मंजूरी मिलते ही हमने इंदौर के पहले चरण लिए टेंडर को भी मंजूरी दे दी है। इसके पहले भोपाल का टेंडर हो चुका है। जल्द ही मेट्रो का काम शुरू हो जाएगा।
- विवेक अग्रवाल, प्रमुख सचिव, नगरीय विकास एवं आवास विभाग, मप्र
ट्विट...
कैबिनेट के इस फैसले पर मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ट्वीट करके प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, वित्त मंत्री अरुण जेटली और शहरी विकास मंत्री हरदीप पुरी को धन्यवाद दिया।
--शिवराज सिंह चौहान, मुख्यमंत्री
Published on:
04 Oct 2018 07:02 am
