
bhopal nawab property dispute saif ali khan vs begum suraiya (फोटो सोर्स- सोशल मीडिया एक्स)
bhopal nawab property dispute: भोपाल के नवाब की संपत्ति का विवाद 25 साल बाद फिर भोपाल की ट्रायल कोर्ट पहुंच गया है। हाईकोर्ट ने ट्रायल कोर्ट के 25 साल पुराने आदेश को निरस्त कर नए सिरे से एक साल में सुनवाई कर निर्णय का आदेश दिया। पक्षों को दलील भोपाल ट्रायल कोर्ट में रखने की स्वतंत्रता दी। यह फैसला हाईकोर्ट द्वारा भोपाल रियासत के अंतिम नवाब मोहम्मद हमीदुल्ला खान (mohammad hamidullah khan) की संपत्ति और उत्तराधिकार को लेकर चल रहे विवाद पर सुनाया गया। (mp news)
अपील नवाब हमीदुल्ला खान के बड़े भाई के वंशज बेगम सुरैया (begum suraiya), कमरताज राबिया सुल्तान एवं अन्य की ओर से दायर की गई थी। प्रकरण में पूर्व क्रिकेटर नवाब मंसूर अली खान पटौदी, उनकी पत्नी अभिनेत्री शर्मीला टैगोर, पुत्र सैफ अली खान (saif ali khan), बेटियां सबा सुल्तान, सोहा अली खान को पक्षकार बनाया गया था। दावा था कि नवाब की निजी संपत्ति पर सभी वैध वारिसान का अधिकार है। अपीलकती उत्तराधिकारियों ने तर्क दिया कि ट्रायल कोर्ट ने गलत तरीके से मान लिया कि नवाब की निजी संपत्तियां सिंहासन का हिस्सा हैं। इस प्रकार वे स्वत: ही सिंहासन के उत्तराधिकारी को हस्तांतरित हो जाएंगी।
तर्क दिया कि संपत्तियों का उत्तराधिकार से कोई लेना-देना नहीं है। संपत्तियों का विभाजन उत्तराधिकार के व्यक्तिगत कानून द्वारा शासित होगा। हाईकोर्ट ने भोपाल स्थित सैफ की पुश्तैनी संपत्ति के विवाद पर ट्रायल कोर्ट को नए सिरे से सुनवाई के निर्देश दिए हैं। 14 फरवरी 2000 को पारित आदेश को दोषपूर्ण पाकर निरस्त कर दिया। कोर्ट ने व्यवस्था दी है कि ट्रायल कोर्ट एक वर्ष की समयावधि के भीतर प्रकरण का पटाक्षेप करें।
Updated on:
04 Jul 2025 02:33 pm
Published on:
04 Jul 2025 08:47 am
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