
भोपाल। मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में ब्लैक आउट को देखते हुए प्रभारी मंत्री भूपेंद्र सिंह ने बड़ी बैठक बुलाई है। इसमें नगर निगम और बिजली कंपनी के अधिकारी शामिल होंगे। राजधानी के कई इलाकों की बंद पड़ी स्ट्रीट लाइटों को चालू करने पर कोई फैसला होने वाला है। राजधानी के 40 से अधिक इलाकों की स्ट्रीट लाइटों दो सप्ताह से बंद पड़ी है। नगर निगम और बिजली विभाग की आपसी लड़ाई का खामियाजा जनता को भुगतना पड़ रहा है।
गौरतलब है कि नगर निगम ने दो माह से स्ट्रीट लाइटों का बिल नहीं भरा है। इस कारण दो माह का बिल 28 करोड़ हो गया है। नगर निगम ने दो करोड़ रुपए ही जमा किए हैं। इसके कारण बिजली कंपनी ने 29 अक्टूबर से कनेक्शन काटना शुरू कर दिया था। राजधानी के करीब 40 इलाकों में बिजली व्यवस्था चरमरा गई है। यही कारण है की लाखों लोगों को हो रही परेशानी के बाद प्रभारी मंत्री भूपेंद्र सिंह को हस्तक्षेप करने आना पड़ा। दोनों ही विभागों को तलब किया गया है।
12 दिनों से बंद है बिजली
शहर के 40 से ज्यादा इलाकों की 300 कॉलोनियों में सैकड़ों स्ट्रीट लाइट बंद होने से सड़कों में ब्लैक आउट जैसा माहौल चल रहा है। यह स्थिति 12 दिनों से ऐसी ही है। इस संबंध में ’पत्रिका’ लगातार खबरें प्रकाशित कर रहा था। गत दिवस पत्रिका ने खबर प्रकाशित की थी की बिजली कंपनी और नगर निगम प्रशासन के बीच वाद-विवाद की बात इतनी बिगड़ चुकी है कि अब शहर की स्ट्रीट लाइटों को चालू कराने के लिए सीएम को ही दखल देना पड़ेगा। इसके बाद प्रभारी मंत्री एवं नगरीय प्रशासन विभाग के मंत्री भूपेंद्र सिंह ने इस मामले में दोनों विभागों को लेकर जमकर नाराजगी व्यक्त की।
राजधानी में आएएस, मंत्री और सीएम भी रहते हैं
बिजली कंपनी ने ऐसे इलाकों की बिजली बंद की है, जिन रास्तों से सीनियर आइएएस आफिसर से लेकर मंत्री और मुख्यमंत्री तक का रोज का आना जाना पड़ता है। इनमें पॉलीटेक्निक चौराहा, कमला पार्क, राजभोज सेत, वीआईपी रोड आदि शामिल हैं। इन इलाकों की बिजली बंद करने से प्रभारी मंत्री नाराज हैं।
Updated on:
09 Nov 2022 11:40 am
Published on:
09 Nov 2022 11:39 am
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