
भोपाल. मध्यप्रदेश में ओमिक्रॉन की चपेट में आने वाले लगभग सभी मरीजों में एक समान लक्षण देखने को मिल रहे हैं, अधिकतर मरीज में सर्दी-जुकाम और बुखार की समस्या नजर आ रही है। वैसे तो अब मध्यप्रदेश में कोरोना के मरीजों की संख्या घटने लगी है। लेकिन फिर भी मध्यप्रदेश के इन दो बड़े शहरों इंदौर और भोपाल में कोरोना का कहर बरस रहा है।
इंदौर में 3, भोपाल में एक की मौत
पिछले 24 घंटे में मध्यप्रदेश में कोरोना से इंदौर में 3 की और भोपाल में एक मरीज की मौत हुई है, वहीं इंदौर में 335 और भोपाल में नए मरीजों की संख्या 610 हैं। आंकड़ों की माने तो मध्यप्रदेश में ये ही दो शहर है, जिनमें कोरोना के अधिक केस हैं, शेष में कोरोना के केस हैं, लेकिन वे अपेक्षाकृत कम हैं। एमपी में पिछले 24 घंटों में 4 लोगों की मौत हुई है, कुल नए केस 3083 आए हैं। वहीं संक्रमण दर भी 4.6 प्रतिशत आंकी गई है। कोरोना से स्वस्थ होने वालों की संख्या भी 24 घंटे में 6527 रही है।
मरीजों में एक समान लक्षण
मध्यप्रदेश में कोरोना का कहर बरस रहा है, अधिकतर लोग कोरोना के नए वैरिएंट ओमिक्रॉन की चपेट में आ रहे हैं, चूंकि यह अधिक घातक नहीं है, ऐसे में कई लोग टेस्ट तक नहीं करवाने की भूल कर रहे हैं, इसलिए जरूरी है कि आप टेस्ट करवाएं, साथ ही इन लक्षणों पर ध्यान दें, क्योंकि ओमिक्रॉन की चपेट में आए 90 प्रतिशत लोगों में ये ही लक्षण नजर आए हैं, अगर आप भी इन प्रकार के लक्षणों से गुजर रहे हैं, तो तुरंत चिकित्सकों को दिखाएं, ताकि समय रहते उपचार लेने पर आप स्वस्थ हो जाएं।
कोरोना स्टडी में सामने आए ये लक्षण
-यूके की कोविड स्टडी में ओमिक्रॉन के करीब 20 लक्षण बताए गए हैं, ये लक्षण अगल-अलग व्यक्ति में अलग-अलग प्रकार से नजर आ सकते हंै। हो सकता है किसी एक व्यक्ति में एक ही लक्षण नजर आए, हो सकता है किसी व्यक्ति में एक से अधिक लक्षण नजर आएं, लेकिन किसी भी लक्षण को नजर अंदाज नहीं किया जाना चाहिए।
ये हैं प्रमुख लक्षण
गले में खराश, छींक, थकान, सिरदर्द, नाक बहना, खांसी चलना, आवाज में बदलाव, सर्दी-जुकाम, बुखार, चक्कर आना, अत्यधिक कमजोरी महसूस होना, सुगंध बदलना, आंखों में जलन, हल्का दर्द, मांसपेशियों में तेज दर्द, भूख न लगना, छाती में दर्द, ग्रंथियों की सूजन, स्किन पर रेशेज होना। इस प्रकार के लक्षण नजर आए तो निश्चित ही चिकित्सक को दिखाना चाहिए।
चार से पांच दिनों तक रहता असर
ये लक्षण लोगों में धीरे धीरे करके आते हैं, यानी अगर किसी को सर्दी-जुकाम हुआ है, तो वह पहले बहुत हल्का रहता है, फिर धीरे-धीरे करके बढ़ जाता है, वैसे यह अधिकतम चार से पांच दिन में पीक पर आ जाता है, इसके बाद आप जैसे ही चिकित्सक द्वारा सुझाए गए उपचार को लेते हंै। तो निश्चित ही चार से पांच दिनों में ये लक्षण खत्म हो जाते हैं।
कोई गंभीर लक्षण नहीं
एक्सपर्ट की माने तो कोरोना के कोई गंभीर लक्षण अभी तक सामने नहीं आए हैं, ओमिक्रॉन होने पर व्यक्ति जल्दी रिकवर भी कर रहा है, यानी ये जितनी जल्दी व्यक्ति को अपनी चपेट में लेता है, उतनी ही जल्दी उपचार लेते ही ठीक हो जाता है, इसमें ऐसा नहीं होता है कि उपचार कराने के बाद भी ठीक नहीं हो, हालांकि जो लोग पहले से कई गंभीर बीमारियों से पीडि़त है, उनके लिए रिस्क रहती है। फिलहाल जिन लोगों की मौतें हो रही है, उनमें से अधिकतर लोगों को अन्य भी कोई बीमारियां निकली हैं। ऐसे में सावधानी रखना बहुत जरूरी है।
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ये करें उपाय
-मास्क लगाएं, सोशल डिस्टेसिंग का पालन करें।
-कोई भी लक्षण नजर आने पर हल्के में न लें।
-तुरंत उपचार लेने से चार से पांच दिन में ठीक हो जाएगा।
-होम आइसोलेट रहें, बाहर नहीं निकलें। ताकि दूसरे लोगों को संक्रमित नहीं हो।
-घर पर ही रहें, गर्म भोजन करें, हल्का गुनगुना पानी पीएं।
-अदरक, काली मिर्च वाली चाय और काढ़े का सेवन करते रहें।
-कुछ भी खाने पीने से पहले साबुन से हाथ जरूर धोएं।
-साफ सफाई रखें, रोजाना स्नान कर साफ सुथरे कपड़े पहनें।
-सर्द मौसम में गर्म कपड़े जरूर पहनें, ठंड से बचें।
-वैक्सीन नहीं लगवाई है तो जरूर लगवा लें।
Published on:
09 Feb 2022 12:58 pm
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