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किडनी में इन्फेक्शन की ये है बड़ी वजह, इस तरह करें बचाव

किडनी में इन्फेक्शन की ये है बड़ी वजह, इस तरह करें बचाव

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किडनी में इन्फेक्शन की ये है बड़ी वजह, इस तरह करें बचाव

भोपालः ये तो सभी जानते हैं कि, मनुष्य दो किडनियों के दम पर अनुकूल आजीविका जीता है। किडनी को शरीर का फिल्टर प्लांट भी कहा जाता है। यानी ये शरीर से अपशिष्ट उत्पादों और अतिरिक्त तरल पदार्थ को निकालने काकाम करती है। हालांकि, कभी कभी कुछ इंफेक्शनों को चलते किडनी में सूजन आ जाती है, जिसे मेडिकल टर्म में 'ग्लोमेरुलोनेफ्राइटिस' कहा जाता है। किडनी की सूजन एक ऐसी समस्या है, जिसके कारण इसके फिल्टर में सूजन आ जाती है। किडनी का फिल्टर बहुत छोटी रक्त वाहिकाओं से बना होता है, जिसे ग्लोमेरुली कहा जाता है। राजधानी भोपाल के निजी अस्पताल के चिकित्सक डॉ. नाजिम अली का मानना है कि, किडनी की सूजन को बिल्कुल भी हल्‍के में नहीं लेना चाहिए। इसकी अनदेखी व्यक्ति की जान पर भी भारी पड़ सकती है। अगर इसके लक्षणों को समय रहते समझ लिया जाए इसमें किसी गंभीरपरिणाम से बचकर नेफ्रोलॉजी की मदद से इस समस्‍या से बचा जा सकता है।

किडनी में इनफेक्शन के चलते सूजन आने का कारण

- बुखार
- पेशाब करने में दर्द
- भूरा या लाल रंग का पेशाब
- असहनीय और तीव्र दर्द
- पेशाब में अधिक प्रोटीन का होना
- बहुत कम पेशाब का आना
- फेंफड़े में तरल का होना, जिसके कारण खांसी और सांस लेने में दिक्‍कत होना।
- अधिक थकान लगना
- सांसों से बदबू आना
- सूजन और सांस की तकलीफ होना।

किडनी में सूजन आने से होते हैं ये नुकसान

किडनी की सूजन या नेफ्राइटिस एक ऐसी स्थिति है, जिसमें किडनी की मुख्‍य यून‍िट में सूजन आ जाती है जिसे नेफ्रोन कहा जाता है। ऐसा होने पर किडनी को खून साफ करने विलंब आता है। जिससे ये शरीर को नुकसान पहुंचाने वाले तत्व बाहर नहीं कर पाती और शरीर में मौजूद रक्त में मिलने लगती है।

इन रोगियों के लिए होता है खतरनाक

मधुमेह और ल्यूपस और एएनसीए वस्कुल्टिस जैसी कुछ ऑटो इम्युन बीमारियों से पीड़ित लोगों में सेकंडरी ग्लोमेरुलोनेफ्राइटिस यानी किडनी की सूजन जैसी स्थिति बन सकती है। ऐसी स्थितियों में भी समय पर इलाज से किडनी को बचाया जा सकता है। कभी-कभी दर्द निवारक या एंटीबायोटिक दवाइयों के दुष्प्रभाव के कारण भी ग्लोमेरुलोनेफ्राइटिस (किडनी में सूजन) हो सकता है। जब पेशाब करते समय खून दिखाई दे या इसका रंग अचानक से बदलकर लाल या भूरा हो जाए तो ऐसी स्थिति में कोई एंटीबायोटिक दवा लेने से पहले डॉक्‍टर से परामर्श ज़रूर करें।