
भोपाल. देश प्रदेश में लगातार बढ़ती महंगाई से लोगों के हालत खराब हो रही है। एक तरफ रसोई का बजट बिगड़ गया है तो दूसरी तरफ किसान भी महंगाई की मार से परेशान है। अब केंद्र सरकार ने किसानों को बड़ी राहत देते हुए एलान किया है कि आगामी खरीफ के सीजन में खाद के दाम नहीं बढ़ेंगे।
दरअसल पेट्रोल डीजल के बढ़ते दाम से महंगाई में तड़का लग गया है और राशन से लेकर सभी चीजों के दाम बढ़ने के पीछे माल भाड़ा बढ़ना बताया जा रहा है। एसे में आशंका जताई जा रही थी कि भाड़ा बढ़ने का असर खाद की कीमतों पर भी पड़ेगा। लेकिन सरकार ने इन कयासों पर विराम लगाते हुए घोषणा की है कि खरीफ सीजन में उर्वरक के दाम नहीं बढ़ेंगे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में इस फैसले पर मुहर लग गई है। एक तरफ जहां फर्टिलाइजर सब्सिडी के लिए 60,939 करोड़ रुपए की मंजूरी दी गई, वहीं स्ट्रीट वेंडर्स को बड़ी राहत देते हुए पीएम स्वनिधि योजना को दिसंबर, 2024 तक बढ़ाया गया।
केंद्र सरकार ने देश के 14 करोड़ से अधिक किसानों को राहत देते हुए डीएपी खाद पर मिलने वाली सब्सिडी को 51% से अधिक बढ़ा दिया है। पहले 50 किलो वाले डीएपी खाद की बोरी पर 1650 रुपए सब्सिडी मिल रही थी, जिसे बढ़ाकर अब 2501 रुपए कर दिया गया है। सरकार के इस फैसले से खरीफ सीजन में डीएपी के साथ एनपीके और पोटाश जैसे उर्वरकों के दाम नहीं बढ़ेंगे और पुराने रेट पर ही किसानों को खाद मिलता रहेगा।
मध्य प्रदेश के किसानों को राज्य की सरकार की ओर से भी मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना की राशि मिलती है। इसके तहत किसानों के खाते में 2,000 रुपये की किस्त दी जाती है। पीएम किसान सम्मान निधि के तर्ज पर मध्य प्रदेश सरकार ने भी मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना शुरू की थी। इस योजना के तहत किसानों को 2000 रुपये की 2 किस्त में सालाना 4000 रुपये दिए जाते हैं।
Published on:
28 Apr 2022 05:57 pm
