
सवर्णों को खुश करने के लिए भाजपा ने बनाया प्लान, मोदी के सामने होने वाली है यह घोषणा
भोपालः मध्य प्रदेश में चुनावी बिसात लगभग बिछ चुकी है। लेकिन, इस समय प्रदेश की बीजेपी सरकार के सामने सबसे बड़ी चुनौती है कि, वह किसी भी तरह रूठों को मना ले इसी कड़ी में भाजपा सवर्ण वर्ग को मनाना एक बड़ी चुनौती मान रही है। हाल ही में हुए सवर्णों के आंदोलन ने बीजेपी को किसी अनचाही घटना के संकेत ज़रूर दिए हैं। इसी के चलते पार्टी प्रदेश के सवर्ण तबके को अंदुरूनी तौर पर मनाने की कोशिश भी कर रही है। इसी रणनीति के तहत मध्यप्रदेश भाजपा ने पार्टी के सवर्ण नेताओं को सवर्ण बहुल इलाकों से मैदान में उतारने की तैयारी भी कर ली है।
बैठक में बनी रणनीति
राष्ट्रीय संगठन महामंत्री रामलाल की मौजूदगी में हुई बैठक में सवर्ण आंदोलन को लेकर खास चर्चा हुई। पार्टी सूत्रों के अनुसार, मंत्री रामलाल द्वारा ली गई बैठक में 25 सितंबर को होने वाले कार्यकर्ता महाकुंभ से पहले सवर्ण आंदोलन से पार्टी को हुए नुकसान से निपटने की रणनीति तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। यह भी माना जा रहा है कि, जैसा पार्टी द्वारा तय किया जा रहा है सबकुछ वैसा ही रहा तो,25 सितंबर को पीएम मोदी के समक्ष सवर्ण वर्ग को साधने के लिए कोई बड़ा निर्णय भी लिया जा सकता है।
महाकुंभ में दिखेगी प्रदेश की विरासती झलक
संगठन महामंत्री की बैठक के अलावा प्रदेश भाजपा कार्यालय में सवर्ण नेताओं की भी अलग से बैठक हुई। बैठक में भाजपा प्रदेशाध्यक्ष राकेश सिंह, जनसंपर्क मंत्री नरोत्तम मिश्रा, सांसद अनूम मिश्रा शामिल हुए। बीजेपी कार्यालय में दिन भर चली बैठकों में यह तय किया गया कि 25 सितंबर को होने वाला कार्यकर्ता महाकुंभ सांस्कृतिक विरासत की थीम पर आधारित रहेगा। इसी के तहत प्रदेशवासियों को महाकुंभ में मध्यप्रदेश की विरासती झलक देखने को मिलेगी। बैठक में तय किया गया कि, महाकुंभ में शामिल होने वाले कार्यकर्ता अपने इलाके की विरासत के परिधान में आएं। इसके अलावा हर बूथ से कम से कम 20 कार्यकर्ताओं को महाकुंभ में लाने का लक्ष्य भी बैठक में शामिल हर कार्यकर्ता को दिया गया है।
Published on:
19 Sept 2018 01:27 pm
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