
भोपाल। मध्यप्रदेश में हबीबगंज रेलवे स्टेशन का नाम बदलने से शुरू हुई कहानी अब आगे बढ़ गई है। बाद अब इंदौर शहर और भोपाल के मिंटो हाल का नाम बदलने की मांग उठने लगी है। भाजपा और कांग्रेस दोनों ने ही नाम को लेकर खींचतान तेज हो गई है। भोपाल के मिंटो हॉल का नाम डा. हरि सिंह गौर और डा. शंकर दयाल शर्मा के नाम पर करने की मांग उठी है, वहीं इंदौर का नाम देवी अहिल्याबाई होलकर के नाम पर करने की बात चलने लगी है। देवी अहिल्याबाई के नाम पर इंदौर का नाम करने पर कांग्रेस और भाजपा दोनों ही सहमत हैं।
हबीबगंज रेलवे स्टेशन का नाम रानी कमलापति रेलवे स्टेशन करने के बाद मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आदिवासी टंट्या भील के नाम पर पातालपानी स्टेशन, बस स्टैंड और एक चौराहे का नामकरण करने की घोषणा की थी। इसके अलावा सीएम ने मानपुर स्वास्थ्य केन्द्र का नाम भी टंटया मामा के नाम पर ऱखने की घोषणा की थी। इसके बाद इंदौर और भोपाल के मिंटो हाल का नाम बदलने की भी मांग उठने लगी। उज्जैन सांसद अनिल फिरोजिया ने फतेहाबाद का नाम बदलकर चंद्रावतीगंज करने की मांग की।
बदला जाएगा मिंटो हाल का नाम
भाजपा के प्रदेश मंत्री रजनीश अग्रवाल ने पुरानी विधानसभा (मिंटो हॉल) का नाम शिक्षाविद, सागर विश्वविद्यालय के संस्थापक एवं संविधान सभा के उपसभापति रहे डॉ. हरिसिंह गौर के नाम पर करने की मांग मुख्यमंत्री से की है। इस प्रस्ताव पर सागर क्षेत्र से विधायक नगरीय प्रशासन मंत्री भूपेंद्र सिंह ने भी समर्थन दिया है। भूपेंद्र सिंह ने कहा कि मिंटो हॉल का नाम डॉक्टर हरिसिंह गौर के नाम पर होना चाहिए।
वीरसावरकर, स्वामी विवेकानंद का भी लिया नाम
इधऱ, पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री उषा ठाकुर ने कहा कि मिंटो हाल का नाम वीर सावरकर के नाम पर रखा जाना चाहिए। पूर्व महापौर व प्रदेश उपाध्यक्ष आलोक शर्मा ने कहा कि मिंटो हॉल का नाम स्वामी विवेकानंद के नाम पर होना चाहिए। वे इस संबंध में सीएम से भी चर्चा करने वाले हैं। इधर, कांग्रेस के विधायक एवं पूर्व मंत्री पीसी शर्मा ने मीडिया के पूछे जाने पर कहा कि मिंटो हाल का नाम मुख्यमंत्री के नाम पर रख देना चाहिए।
भाई रतनकुमार गुप्ता के नाम पर हो
इसके अलावा सोशल मीडिया पर मिंटो हाल का नाम भाई रतनकुमार गुप्ता के नाम पर भी करने की मांग उठी है। भोपाल विलीनीकरण आंदोलन के नायक रहे भाई रतन कुमार गुप्ता ने ही भोपाल के विलीनीकरण का आंदोलन शुरू किया था। इसके बाद ही भोपाल का भारत में विलय हुआ था। इधर, कांग्रेस ने कहा है कि भोपाल में पुरानी विधानसभा भवन मिंटो हाल का नाम टंटया भील के नाम पर किया जाना चाहिए। हम आजादी का 75 वां अमृत महोत्सव मना रहे हैं। कांग्रेस प्रवक्ता नरेंद्र सलूजा ने कहा कि यह उनके बलिदान दिवस पर सच्चा तोहफा होगा।
इंदौर का नाम अहिल्याबाई के नाम पर
नगरीय प्रशासन मंत्री भूपेन्द्र सिंह ने इंदौर का नाम भी देवी अहिल्याबाई होलकर के नाम पर करने का समर्थन किया है। भाजपा के कई भी इस प्रस्ताव का समर्थन कर रहे हैं। भाजपा प्रवक्ता उमेश शर्मा कहते हैं कि माता अहिल्या बाई होलकर परम शिव भक्त थीं और मां नर्मदा की उपासक भी थीं। उन्होंने देशभर में शिवालयों का निर्माण और नदियों के घाट, बावड़ियां, तालाब और अनेक धर्मशालाएं बनवाईं। उनके जनसेवा के काम को हमेशा याद किया जाना चाहिए। इंदौर पर हमेशा उनका ऐसा आशीर्वाद है कि इस शहर में कोई भूखा नहीं सोता। इससे पहले, भी इंदौर का नाम इंदूर करने की मांग उठ चुकी है। इस शहर का प्राचीन नाम इंदूर ही था। अंग्रेजों ने इसका नाम बदलकर इंदौर कर दिया था।
कांग्रेस का भी समर्थन
इंदौर का नाम देवी अहिल्याबाई के नाम पर करने का कांग्रेस भी स्वागत करेगी। कांग्रेस नेता नीलाभ शुक्ला कहते हैं कि जिस प्रकार से देवी अहिल्या बाई सुशासन की पर्याय थीं, उसी प्रकार सुशासन इंदौर में होना चाहिए।
ईदगाह और इस्लामनगर की भी उठी थी मांग
इससे कुछ समय पहले भोपाल के ईदगाह हिल्स का नाम बदलकर गुरुनानक टेकरी करने की मांग उठी थी। हुजूर विधायक रामेश्वर शर्मा ने यह मांग उठाई थी। जिसमें कहा था कि ईदगाह हिल्स पर गुरुनानक देव आए थे, इसलिए इस टेकरी का नाम गुरुनानक टेकरी करना चाहिए। इसके अलावा भोपाल में ही इस्लाम नगर का नाम भी जगदीशपुर करने की मांग भी उठ चुकी है। क्योंकि इस्लामनगर का प्राचीन नाम जगदीशपुर है। इसके अलावा लालघाटी, हलालपुर, हबीबगंज थाने का नाम भी बदलने की मांग समय-समय पर उठती रही है। गृहमंत्री नरोत्तम मिश्र ने तो हबीबगंज थाने का नाम बदलने की घोषणा भी कर दी है।
Updated on:
26 Nov 2021 05:20 pm
Published on:
26 Nov 2021 05:05 pm
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