MP BJP- मध्यप्रदेश की बीजेपी सरकार के मंत्रियों पर मानो सत्ता का मद हावी हो गया है। उनके दूर के दर्शन भी दुर्लभ हो गए हैं।
MP BJP- मध्यप्रदेश की बीजेपी सरकार के मंत्रियों पर मानो सत्ता का मद हावी हो गया है। उनके दूर के दर्शन भी दुर्लभ हो गए हैं। हाल ये है कि पार्टी के विधायकों तक को मंत्रियों से मिलने के लिए भटकना पड़ता है। लोगों का काम कराने वे मंत्रियों के बंगलों पर जाते हैं पर मुलाकात ही नहीं पाती। विधायकों में इससे खासा असंतोष पनप रहा है। पार्टी भी इससे अनभिज्ञ नहीं है। सत्ता और संगठन, दोनों को इसका भान है। मंगलवार को हुई बीजेपी विधायक दल की बैठक में यह मुद्दा उठा। विधायकों की दिक्कत दूर करने के लिए मंत्रियों को नसीहत देते हुए कहा कि सप्ताह में कम से कम एक दिन विधायकों को दें।
मध्यप्रदेश विधानसभा का मानसून सत्र चल रहा है। इसको लेकर सीएम निवास पर सीएम मोहन यादव और प्रदेशाध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल की उपस्थिति में बीजेपी विधायक दल की बैठक बुलाई गई जिसमें कई मुद्दों पर चर्चा हुई। बैठक में सत्र के दौरान सदन में पार्टी विधायकों और मंत्रियों को एकजुट रहने की सलाह दी गई। कहा गया कि जब विपक्ष को सच्चाई का आइना दिखाने की जरुरत पड़े तो इसका परिचय भी दें।
बीजेपी विधायक दल की बैठक में खासतौर पर मंत्रियों को हिदायत दी गई। उनसे कहा कि पार्टी के विधायक जनता के काम लेकर आते हैं। कई बार मुलाकात ही नहीं होने से विधायकों को भटकना पड़ता है। इसके लिए मंत्रियों को सप्ताह का एक दिन विधायकों को सुनने के लिए देने की सलाह दी गई। उनसे कहा गया कि दिन का चयन वे स्वयं करें।
बैठक में प्रदेश भाजपा अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने भी पार्टी विधायकों और मंत्रियों की मुलाकातों पर जोर दिया। उन्होंने कहा, विधायक अपनी ठीक से बात रखें इसके लिए मंत्रियों को कम से कम सप्ताह में एक दिन उन्हें देना चाहिए। प्रदेशाध्यक्ष खंडेलवाल ने विधायकों को भी सलाह दी। उन्होंने विधायकों से कहा कि सिर्फ शिकायत ही नहीं करनी चाहिए, बल्कि सरकार के अच्छे कामों को जनता तक भी पहुंचाएं। विकास के कार्य जनता के मुताबिक करने चाहिए।